.jpg)
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद फिलहाल समझौते की कोई स्पष्ट संभावना नहीं दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड (Donald Trump) ने ईरान की ओर से दिए गए उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें Strait of Hormuz को फिर से खोलने और नाकेबंदी खत्म करने की बात कही गई थी।
अमेरिका अपनी सख्ती जारी रखेगा-ट्रंप
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि सीधी सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक और समुद्री नाकेबंदी ज्यादा असरदार साबित हो रही है। उनके मुताबिक, यह दबाव ईरान को झुकने पर मजबूर कर रहा है और इसी वजह से वे प्रतिबंध हटाने के पक्ष में नहीं हैं, उन्होंने दोहराया कि जब तक ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका अपनी सख्ती जारी रखेगा और जरूरत पड़ी तो और बढ़ाएगा।
ईरान ने कही ये बात
अमेरिकी पक्ष का मानना है कि मौजूदा दबाव के कारण ईरान बातचीत के लिए मजबूर हुआ है। वहीं, ईरान की प्राथमिक मांग यह है कि पहले उसके व्यापारिक और समुद्री रास्तों पर लगी रोक हटाई जाए, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य की जाए। इसके बाद ही वह परमाणु मुद्दे पर आगे बात करने को तैयार है।
क्या है तेहरान की मांग?
दोनों देशों के रुख में यही बुनियादी टकराव है। अमेरिका पहले परमाणु कार्यक्रम रोकने की शर्त रखता है, जबकि ईरान पहले आर्थिक राहत चाहता है। इसी वजह से बातचीत फिलहाल गतिरोध में फंसी हुई है। बताया जाता है कि ईरान ने पाकिस्तान (Pakistan) के माध्यम से चरणबद्ध समाधान का प्रस्ताव भी भेजा था, ताकि पहले सीमित राहत देकर भरोसा बनाया जा सके। लेकिन इस प्रस्ताव को भी अमेरिकी नेतृत्व ने स्वीकार नहीं किया, जिससे निकट भविष्य में किसी समझौते की संभावना और कमजोर होती नजर आ रही है।
Written By Toshi Shah

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)