
संसद का मानसून सत्र आज यानी सोमवार को शुरू हुआ, लेकिन लोकसभा की शुरुआती कार्यवाही कुछ ही समय बाद हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्षी सांसदों ने कई मुद्दों को लेकर सदन में नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में सदन की कार्रवाई आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन लगातार विरोध के कारण लोकसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित हुए थे उसके बाद 1 बजे तक कर दिया गया।
सरकार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर घेरने को तैयार
इस सत्र में विपक्ष सरकार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। विपक्षी दलों ने राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं, नीट परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाने का संकेत दिया है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार भी इन आरोपों का जवाब देने और अपनी नीतियों का बचाव करने के लिए तैयार है।
13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
राजनीतिक परिस्थितियों में आए बदलाव और विपक्षी गठबंधन के भीतर मतभेदों के बीच यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है। संसद का यह मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 25 दिनों में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
संसद में दोबारा गूंज सकता है सीट बढ़ाने का मुद्दा
सरकार संविधान संशोधन से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को फिर से संसद में लाने की तैयारी कर सकती है। इसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे प्रावधान शामिल होने की बात कही जा रही है। इससे पहले यह प्रस्ताव पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ पाया था। अब सरकार नए राजनीतिक समीकरणों के बीच इसे दोबारा पेश करने की कोशिश कर सकती है।
भारत की आर्थिक मजबूती पर पीएम का का जोर
सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर उन देशों पर पड़ा है जो ऊर्जा जरूरतों के लिए अन्य देशों पर निर्भर हैं। भारत को भी पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में वैश्विक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत ने मजबूत आर्थिक प्रदर्शन जारी रखा और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेज विकास करने वाले देशों में अपनी स्थिति बनाए रखी।
संसद में हंगामे के संकेत
मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है। जहां विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं सरकार विकास, आर्थिक उपलब्धियों और अपनी योजनाओं को सामने रखकर अपना पक्ष मजबूत करने का प्रयास करेगी।
Written By Toshi Shah

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