
संसद के बजट सत्र के दौरान आज भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनी रहने के आसार हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। आज लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह अपने मुद्दों को लेकर विरोध जता सकता है। वहीं सरकार ने नियमों और संसदीय परंपराओं के तहत सदन चलाने की बात दोहराई है। इसी खींचतान के चलते संसद में ठहराव बने रहने की आशंका जताई जा रही है।
विपक्ष की मांग
विपक्ष की मांग है कि कुछ अहम मुद्दों पर पहले चर्चा कराई जाए, उसके बाद ही सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से आगे बढ़ाई जाए। विपक्षी दलों का कहना है कि जनता से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं सरकार का रुख साफ है कि सभी विषयों पर चर्चा नियमों और संसदीय प्रक्रिया के अनुसार ही होगी। सरकार का कहना है कि कार्यवाही को बाधित करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा ही सही रास्ता है।
क्या कहना है सत्ता पक्ष और विपक्ष का
सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत के कई दौर हुए, लेकिन अब तक किसी ठोस सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका है। कार्यवाही शुरू करने को लेकर दोनों पक्षों की शर्तों के कारण पेंच फंसा हुआ है। सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा, जबकि विपक्ष का कहना है कि सरकार चर्चा से बच रही है। इस राजनीतिक टकराव का सीधा असर संसद की कार्यवाही और कानून बनाने की प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
संसद में लगातार हंगामा जारी
संसद का सुचारु रूप से चलना देश के लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। लगातार हो रहे हंगामे से न सिर्फ कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा भी नहीं हो पा रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार और विपक्ष किसी साझा समाधान पर पहुंच पाएंगे या फिर आज भी संसद में टकराव जारी रहेगा।
Written by : Anushka sagar

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