
NEET पेपर लीक मामले को लेकर कई सप्ताह से जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। करीब 50 मिनट चली इस बैठक में कुछ मुद्दों पर सकारात्मक संकेत मिले, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। अब दोनों पक्ष शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे दोबारा बातचीत करेंगे।
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई 50 मिनट की वार्ता
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित बैठक में CJP की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका मौजूद रहे, जबकि सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला कल तक टला
बैठक के बाद सौरभ दास ने बताया कि संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उनके अनुसार, मृतक छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने के मुद्दे पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अभी कोई सहमति नहीं बन सकी। सरकार ने इस विषय पर विचार के लिए अगले दिन तक का समय मांगा है।
दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति का दावा
आशुतोष रंका ने भी कहा कि सरकार ने दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। उनका कहना है कि आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने तथा छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों को वापस लेने के प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। वहीं, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के सवाल पर अंतिम निर्णय के लिए सरकार ने अतिरिक्त समय लिया है।
20 जुलाई के बाद आज आमने-सामने आए सरकार और CJP
इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी आवास पर भी दोनों पक्षों के बीच दो दौर की बातचीत हुई थी। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया था। उसके बाद यह बैठक कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के विठ्ठलभाई पटेल हाउस में आयोजित की गई।
मंत्री आवास पर बैठक के प्रस्ताव से CJP ने किया था इनकार
CJP ने पहले सरकार के उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था, जिसमें किसी मंत्री के आवास या सरकारी कार्यालय में बातचीत करने की बात कही गई थी। संगठन ने स्पष्ट किया था कि वार्ता केवल दोनों पक्षों की सहमति से तय किए गए तटस्थ स्थान पर ही होगी।
ये भी पढ़ें- पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, केंद्र ने कहा- छात्रों के हितों को लेकर...
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने पर अड़ा CJP
संगठन ने यह भी दोहराया है कि जंतर-मंतर पर उसका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद नहीं छोड़ते। इसके अलावा CJP प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, NEET पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की मांग पर भी अड़ा हुआ है।
Written By Toshi Shah





.jpg)







.jpg)

