
आज प्रधानमंत्री Narendra Modi इस्राइल के अहम दौरे पर रवाना हो रहे हैं। इस बार का दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत की बदलती विदेश नीति के बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात ये है कि करीब 71 हजार करोड़ रुपये के संभावित रक्षा सौदों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक हालात तनावपूर्ण हैं, यह यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।
मोदी-बेंजामिन नेतन्याहू की अहम रक्षा वार्ता
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से होगी। दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, ड्रोन तकनीक, मिसाइल सिस्टम और खुफिया साझेदारी को लेकर गहन चर्चा की संभावना है। भारत पहले भी इस्राइल से उन्नत हथियार और निगरानी प्रणाली खरीदता रहा है, लेकिन इस बार सौदों का आकार और महत्व दोनों बड़े बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि कुछ समझौते भारत की रक्षा क्षमता को नई मजबूती दे सकते हैं।
मोदी इस्राइल दौरे में किस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा?
रक्षा के अलावा कृषि, जल प्रबंधन और स्टार्टअप सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। इस्राइल अपनी आधुनिक तकनीक और इनोवेशन के लिए जाना जाता है, वहीं भारत बड़ा बाजार और मजबूत रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रिश्ते तेजी से मजबूत हुए हैं, और यह दौरा उसी भरोसे को और गहराई देने का अवसर माना जा रहा है।
71 हजार करोड़ के रक्षा सौदों पर सबकी नजर
यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं है। यह संकेत है कि भारत अब वैश्विक मंच पर अपने रणनीतिक रिश्तों को और स्पष्ट और मजबूत कर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इन बैठकों से क्या ठोस नतीजे निकलते हैं और 71 हजार करोड़ के रक्षा सौदे किस रूप में आगे बढ़ते हैं।
Written by: Anushka sagar

.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)

.jpg)

.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)
