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LPG Cylinder Price Hike: मई की शुरुआत आम जनता और कारोबारियों के लिए महंगाई का बड़ा झटका लेकर आई है। कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक झटके में ₹993 तक की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। जिससे खासकर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और छोटे व्यापारियों की लागत में अचानक इजाफा हो गया है। इस बढ़ोतरी का असर केवल कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
एलपीजी सिलेंडर के बढ़े दाम
नई दरों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर अब ₹3071.50 में मिल रहा है, जो पहले ₹2078.50 का था। यानी एक ही बार में लगभग ₹1000 की बढ़ोतरी ने व्यापारियों को चौंका दिया है। इसी तरह मुंबई में इसकी कीमत ₹3024, कोलकाता में ₹3202 और चेन्नई सहित अन्य महानगरों में भी इसी स्तर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इन शहरों में बढ़े कमर्शियल सिलेंडर की कीमते
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, आगरा और गोरखपुर में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगभग ₹993 की बढ़ोतरी हुई है। छोटे होटल संचालकों, मिठाई दुकानदारों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि उनके संचालन की लागत सीधे तौर पर गैस पर निर्भर करती है। ऐसे में उनके पास या तो मुनाफा कम करने का विकल्प होगा या फिर ग्राहकों पर बढ़ी लागत का बोझ डालना पड़ेगा।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
हालांकि, इस बीच राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत दिल्ली में ₹913 पर स्थिर बनी हुई है और अन्य शहरों में भी यह लगभग पहले जैसी ही है। इससे आम परिवारों को फिलहाल राहत मिली है और रसोई का बजट संतुलित बना हुआ है।
1 मई से गैस डिलीवरी का नया नियम लागू
इस बढ़ोतरी के साथ ही 1 मई से गैस डिलीवरी को लेकर एक नया नियम भी लागू किया गया है। अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे डिलीवरी एजेंट को दिखाना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य फर्जी डिलीवरी, कालाबाजारी और गड़बड़ी पर रोक लगाना है। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
मई की शुरुआत महंगाई के साथ हुआ
मई की शुरुआत ने महंगाई के नए संकेत दे दिए हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाती है और इसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर कितना पड़ता है।
Written By: Geeta Sharma

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