
गुजरात पुलिस ने विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए आयोजित होने वाली IELTS और TOEFL जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हो रही धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। आणंद जिले में सक्रिय इस गिरोह का तरीका इतना अनोखा और सुनियोजित था कि शुरुआती जांच में भी इसका पता लगाना आसान नहीं था। साइबर क्राइम पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 20 जून को एक आर्ट्स कॉलेज में छापेमारी की गई, जहां इस फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया सच
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने परीक्षा केंद्र के भीतर ही तकनीक का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी का एक विशेष सिस्टम तैयार किया था। परीक्षा कक्ष और उसके बगल के कमरे के बीच दीवार में एक छोटा छेद किया गया था। इसके माध्यम से HDMI स्प्लिटर एडेप्टर और कंप्यूटरों को आपस में जोड़कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई थी कि परीक्षा दे रहे छात्र की स्क्रीन दूसरे कमरे में बैठे व्यक्ति को भी दिखाई दे सके।
प्रशिक्षित प्रॉक्सी उम्मीदवार परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर हल करता था
इस योजना के तहत वास्तविक अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष में अपनी सीट पर बैठता था, जबकि दूसरे कमरे में मौजूद एक प्रशिक्षित प्रॉक्सी उम्मीदवार उसकी स्क्रीन देखकर प्रश्नों के उत्तर हल करता था। इस प्रकार छात्र बिना स्वयं परीक्षा दिए बेहतर अंक प्राप्त करने में सफल हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को निशाना बनाता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था।
छापेमारी में पुलिस ने की इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 3.78 लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इनमें कई कंप्यूटर सीपीयू, मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। मामले में अहमदाबाद के दक्षिण बोपाल निवासी तरुणकांत शर्मा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड और उसका एक अन्य सहयोगी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
जांच में मिले कंप्यूटरों और मोबाइल फोन का डाटा खंगाल रही पुलिस
डीएसपी जे. एन. पांचाल ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि जिस स्थान से यह रैकेट संचालित हो रहा था, उसे लगभग 6 महीने पहले किराए पर लिया गया था। हालांकि, धोखाधड़ी का यह कारोबार पिछले डेढ़ महीने से सक्रिय था। पुलिस अब जब्त किए गए कंप्यूटरों और मोबाइल फोनों के डेटा की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने उम्मीदवार इस अवैध गतिविधि का लाभ उठा चुके हैं और इसके बदले उन्होंने कितनी रकम चुकाई थी।
परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर उठे सवाल
यह मामला परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही, यह दर्शाता है कि तकनीक का दुरुपयोग किस प्रकार शिक्षा क्षेत्र में भी संगठित अपराध का रूप ले सकता है।
Written By: Geeta Sharma

.jpg)
.jpg)
.jpg)











