
संसद के बजट सत्र के बीच लोकसभा में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष की ओर से लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को उनके पद से हटाने के लिए दिए गए नोटिस पर सोमवार को सदन में विचार किए जाने की संभावना है। इस मुद्दे को लेकर सियासी माहौल काफी गर्म हो गया है। हालात को देखते हुए सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है, जिससे यह मामला और भी अहम हो गया है।
विपक्ष के आरोपों से बढ़ा विवाद
विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकसभा की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने कई बार निष्पक्षता नहीं बरती। विपक्ष का कहना है कि सदन में चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। खास तौर पर विपक्ष के प्रमुख नेताओं को बोलने का समय सीमित करने को लेकर नाराजगी जताई गई है। इसी कारण विपक्षी सांसदों ने स्पीकर को पद से हटाने के लिए औपचारिक नोटिस दिया है।
संसदीय नियमों के तहत होगी आगे की कार्रवाई
संसदीय परंपरा के अनुसार, यदि स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव सदन में लाया जाता है तो उस पर चर्चा के दौरान स्पीकर खुद अध्यक्षता नहीं करते। ऐसी स्थिति में सदन की कार्यवाही किसी अन्य सदस्य द्वारा संचालित की जाती है। वहीं संबंधित स्पीकर को भी अपनी सफाई देने और प्रस्ताव के खिलाफ अपना पक्ष रखने का अधिकार होता है।
भाजपा और कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party और विपक्षी Indian National Congress दोनों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। इसके तहत सांसदों को निर्देश दिया गया है कि वे सदन में मौजूद रहें और पार्टी की लाइन के अनुसार मतदान करें। इससे साफ है कि इस मुद्दे पर सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
सोमवार की कार्यवाही पर टिकी सबकी नजर
अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली लोकसभा की कार्यवाही पर है। उसी दिन यह तय होगा कि नोटिस को स्वीकार कर आगे चर्चा कराई जाएगी या नहीं। अगर प्रस्ताव पर बहस होती है, तो इससे संसद के भीतर सियासी माहौल और भी गर्म हो सकता है। वहीं यह भी स्पष्ट होगा कि इस मुद्दे पर किस पक्ष को कितना समर्थन मिल रहा है।
Written by : Anushka sagar



.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)