
उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे में तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को अदालत ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने शिवम को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। वहीं, पुलिस द्वारा 14 दिन की रिमांड की अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया।
हादसे का पूरा मामला
इस सप्ताह की शुरुआत में कानपुर की वीआईपी रोड पर 10 करोड़ रुपये कीमत वाली इतालवी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मारते हुए खड़ी हो गई थी। पुलिस जांच में यह पाया गया कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा चला रहा था।
विवादित दावे और मुआवजा
घटना के बाद ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में, तौफीक ने वकील धर्मेद्र सिंह के माध्यम से बताया कि आरोपी पक्ष ने मुआवजा दिया और उसने अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करनी है।
इसके अलावा, कार के कथित चालक मोहनलाल ने दावा किया कि दुर्घटना के समय वह ही कार चला रहा था और शिवम मिश्रा को अचानक दौरा पड़ गया था। मोहनलाल के अनुसार, वह दौरे के दौरान शिवम को संभालने की कोशिश कर रहा था, तभी कार ने तिपहिया वाहन और डिवाइडर से टक्कर ली।
अदालत और जांच की स्थिति
शिवम मिश्रा की जमानत के बाद पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर दी गई। समझौता दस्तावेज में लिखा गया कि शिकायतकर्ता अपनी मर्जी से आगे कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता। हालांकि, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोप लगाया कि समझौते में उच्च अधिकारियों का दबाव भी शामिल था।
- YUKTI RAI






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