जस्टिस यशवंत वर्मा केस: सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, जांच समिति पर लगी मुहर

कैश कांड में फंसे इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ गठित जांच समिति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है...

16 January 2026

और पढ़े

  1. भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, यात्री करेंगे आधुनिक सुविधाओं और तेज सफर के साथ सफर
  2. दूषित पानी: Rahul Gandhi ने पीड़ित परिवारों को दी एक लाख की मदद, कहा- ‘ये हैं अर्बन मॉडल...’
  3. दूषित पानी: इंदौर के दौरे पर आज जाएंगे राहुल गांधी, भागीरथपुरा में पीड़ितों से करेंगे मुलाकात
  4. बंगाल-असम के दो दिवसीय दौरे पर PM Modi, करोड़ों की देंगे सौगात, कई रेल परियोजनाओं को दिखाएंगे हरी झंडी
  5. Startup India 10 Years: स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे, पीएम मोदी ने युवाओं को किया संबोधित, बताई सफलता की कहानी
  6. इस दिन BJP को मिलेगा अगला अध्यक्ष, पार्टी ने जारी किया नोटिफिकेशन; जानें पूरा कार्यक्रम
  7. आज से Nitish Kumar की 'समृद्धि यात्रा' शुरू, पहले चरण में करेंगे इन जिलों का दौरा
  8. Maharashtra BMC Election Result 2026 Live: BMC और महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में मतगणना की प्रक्रिया शुरू
  9. दिल्ली एयरपोर्ट पर 24 घंटे में एयर इंडिया के दो बड़े हादसे टले, यात्रियों की जान बाल-बाल बची
  10. सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी और अधिकारियों को नोटिस जारी किया
  11. सेना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जवानों और उनके परिवारों को दी शुभकामनाएं
  12. लॉरेंस बिश्नोई के शार्प शूटर्स और पुलिस के बीच मुठभेड़, पुलिस को लगी गोली; 2 गिरफ्तार
  13. भाजपा को कड़ी टक्कर देंगे राज-उद्धव ठाकरे, Maharashtra में नगर निगम की वोटिंग जारी
  14. IMD ने दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट किया जारी, उत्तर भारत में ठंड और बढ़ने की जताई संभावनाए
  15. जयपुर में मकर संक्रांति की धूम, पतंगबाजी के बीच पक्षियों की सुरक्षा में जुटी 'बर्ड आर्मी'

कैश कांड में फंसे इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ गठित जांच समिति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बनाई गई समिति पूरी तरह वैध है और इस मामले में किसी तरह के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

जांच समिति को दी थी चुनौती 

न्यायमूर्ति वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि उन्हें पद से हटाने से जुड़े महाभियोग प्रस्ताव को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में स्वीकार किया जाना जरूरी था। उनका तर्क था कि जब दोनों सदनों से प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ, तो लोकसभा अध्यक्ष को जांच समिति बनाने का अधिकार नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट का साफ संदेश

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एस.सी. शर्मा की पीठ ने की। फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा समिति के गठन में कोई कानूनी गलती नहीं हुई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति वर्मा किसी भी तरह की राहत पाने के हकदार नहीं हैं और इस मामले में अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

कोर्ट ने उठाए अहम सवाल, दिए जवाब

सुनवाई के दौरान पीठ ने इस मामले से जुड़े पांच अहम सवालों पर विचार किया। कोर्ट ने कहा कि संयुक्त समिति तभी बनती है, जब दोनों सदनों में एक ही दिन दिए गए प्रस्ताव स्वीकार कर लिए जाएं। अगर किसी एक सदन का पीठासीन अधिकारी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो इससे दूसरे सदन के अधिकार सीमित नहीं होते।

उपसभापति के अधिकारों पर भी फैसला

न्यायालय ने यह भी माना कि राज्यसभा के उपसभापति को प्रस्ताव स्वीकार करने या अस्वीकार करने का अधिकार है। साथ ही यह भी कहा कि अगर उपसभापति के फैसले को चुनौती नहीं दी गई है, तो उस पर आगे जांच करने का कोई औचित्य नहीं बनता।

जनवरी में सुरक्षित रखा गया था फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 8 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस समय कोर्ट ने कहा था कि किसी जज को हटाने की प्रक्रिया में न्यायाधीशों और सांसदों दोनों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

घर से मिले थे जले हुए नोट

यह पूरा विवाद मार्च 2025 में शुरू हुआ था। 14 मार्च को दिल्ली में न्यायमूर्ति वर्मा के सरकारी आवास में आग लग गई थी। आग बुझाने के दौरान पुलिस और दमकल विभाग को उनके गैराज से बड़ी मात्रा में जले हुए नोट मिले थे। इसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ और बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

इस घटना के बाद न्यायमूर्ति वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया था। साथ ही उन्हें न्यायिक कामकाज से भी अलग कर दिया गया।

लोकसभा अध्यक्ष ने बनाई जांच समिति

मामला गंभीर होता देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को एक जांच समिति गठित की। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अरविंद कुमार कर रहे हैं। समिति में मद्रास हाई कोर्ट के जज मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और वरिष्ठ वकील बी.वी. आचार्य भी शामिल हैं।

24 जनवरी को समिति के सामने पेशी

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को 24 जनवरी को जांच समिति के सामने पेश होना है। समिति कैश कांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। 

- YUKTI RAI 

TNP News,

115 B Hind Saurashtra Indl Estate, Marol Metro Station Andheri East, Mumbai - 400059
Call: +91 9818841730, +91 9818821470
Email: info@tnpnews.in