
सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। उनकी जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इस मामले को भाजपा के विधायक आकाश सक्सेना द्वारा पांच वर्ष पहले की गई शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा विधायक ने आजम खान पर लगाया था कई गंभीर आरोप
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 16 मार्च 2021 को केंद्रीय गृहमंत्री के माध्यम से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को शिकायत भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आजम खान ने लोगों को डराकर और दबाव बनाकर बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की, जिसका उपयोग जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और विस्तार में किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि यूनिवर्सिटी के लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भाजपा विधायक ने की थी निष्पक्ष जांच
सक्सेना ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी को दान देने वाले कुछ लोगों ने 60 करोड़ रुपये तक का योगदान दिया, जबकि वे स्वयं आयकर दायरे में नहीं आते थे। ऐसे में दान की राशि और उसके स्रोत को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। भाजपा विधायक का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वित्तीय अनियमितताओं की सच्चाई सामने आ सके।
जौहर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद
जौहर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार ट्रस्ट के कई पदाधिकारी और सदस्य आजम खान के परिवार से जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर ट्रस्ट के संचालन और वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए गए हैं।
शिकायत के बाद वित्त मंत्रालय के माध्यम से शुरू हुई थी जांच
शिकायत के बाद वित्त मंत्रालय के माध्यम से आयकर विभाग द्वारा मामले की जांच शुरू की गई थी। सितंबर 2023 में आयकर विभाग की टीमों ने रामपुर पहुंचकर विभिन्न दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की जांच भी की थी। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में आजम खान से पूछताछ कर चुका है। राज्य सरकार ने भी इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
अब आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट को नया नोटिस जारी किया
अब आयकर विभाग, लखनऊ द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को नया नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार 23 जून को सुबह 11:30 बजे सुनवाई निर्धारित की गई है। ट्रस्ट से कहा गया है कि आजम खान स्वयं अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें। विभाग ने यह विकल्प भी दिया है कि निर्धारित तिथि से पहले ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अपना पक्ष और आवश्यक दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं।
Written By: Geeta Sharma















