
IDFC बैंक में हाल ही में एक बड़ा फ्रॉड सामने आया है। इस मामले में बैंक के एक वरिष्ठ मैनेजर को मुख्य आरोपी माना जा रहा है जिसे तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बैंकिंग सिस्टम का व्यवस्थित दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की राशि का गबन किया गया। बैंक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है, जो पूरी घटना की गहन पड़ताल कर रही है।
कैसे हुआ फ्रॉड का खुलासा
पुलिस और एंटी करप्शन टीम ने जांच के दौरान पाया कि संदिग्ध लेन-देन और खातों में असामान्य गतिविधियों के कारण मामला उजागर हुआ। मुख्य आरोपी ने अपनी पदस्थापना का फायदा उठाते हुए सरकारी और निजी फंड में हेरफेर की योजना बनाई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी के पास बैंक सिस्टम की कमजोरियों का गहरा ज्ञान था और उसने इन्हें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
मास्टरमाइंड समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच के दौरान बैंक मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि ये सभी आपस में संपर्क में थे और योजनाबद्ध तरीके से इस फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उच्च स्तरीय समिति कर रही है गहन जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने आंतरिक स्तर पर एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह समिति पूरे ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और सिस्टम की खामियों की विस्तार से जांच कर रही है। बैंक ने अपने ग्राहकों को आश्वासन दिया है कि उनकी जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस और बैंक दोनों स्तरों पर जांच जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Written by : Anushka sagar

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)

