
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पारस्परिक टैरिफ का एलान किया है। जिसमें उन्होंने अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग दरों की घोषणा की है। ट्रंप ने इसे अमेरिका की आजादी करार दिया। अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया है। भारत के कॉमर्स मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के लगाए गए टैरिफ का भारत पर क्या असर पड़ेगा इसका मूल्यांकन कर रहे हैं। साथ ही भारत ने अमेरिका के ट्रैरिफ को मिश्रित परिणाम बताया है। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका में सभी आयातों पर यूनिवर्सल10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है जोकि 5 अप्रैल से और बाकी 16 प्रतिशत टैरिफ 10 अप्रैल से लागू होगा।
ट्रंप के टैरिफ से भारत समेत दुनिया के शेयर बाजार आज खुलते ही धड़ाम हो गए। भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स में जहां 300 अंकों की गिरावट आई वहीं निफ्टी भी 77 अंक लुढ़क गया। बीएसई सेंसेक्स 300 अंक गिरते हुए 76,311 पर आ गया वहीं एनएसई निफ्टी 77 अंको की गिरावट के साथ 23,255 पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा दुनिया भर के शेयर बाजार में गिरावट देखी गई है।
ट्रंप ने पीएम मोदी को लेकर कही ये बात
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी को अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि भारत अमेरिका से 52 प्रतिशत शुल्क लेता है, लेकिन हम उनसे लगभग कुछ भी नहीं लेते हैं। कार्यक्रम में ट्रंप ने आरे कहा कि भआरत बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री मोदा अभी-अभी गए हैं और वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं।
ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत शुल्क
ट्रंप ने आगे कहा कि इस आपदा के लिए मैं पूर्व राष्ट्रपतियों और पिछले नेताओं को दोषी मानता हूं जो अपना काम सही से नहीं कर रहे थे। हम सभी विदेशी निर्मित ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाएंगे।
बांग्लादेश और चीन के मुकाबले भारत पर कम टैरिफ
अमेरिका ने भारत पर चीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले कम टैरिफ शुल्क लगाया है जो भारत के हक में है। चीन पर 34 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 और बांग्लादेश पर 37 प्रतिशत का शुल्क लगाया गया है। बांग्लादेश का गारमेंट अब अमेरिका में भारत के गारमेंट के मुकाबले अधिक महंगा होगा। चीन और वियतनाम इलेक्ट्रानिक सामान का बड़ा विक्रेता है और इन दोनों देशों के सामान अब भारत के सामान की मुकाबले में अधिक महंगे होंगे। हालांकि अमेरिका के इस टैरिफ शुल्क से भारत के एक्सपोर्ट पर एकदम से असर नहीं होगा क्योंकि भारत के प्रतियोगी देशों पर भारत से अधिक शुल्क लगाया गया है और भारतीय चीजें एकदम से महंगी होने पर भी तत्काल एक्सपोर्ट पर असर नहीं होगा और तब तक भारत निश्चित रूप से टैरिफ शुल्क का काट खोज लेगा।
YUKTI RAI