
आज वक्फ बिल को संसद में पेश हो चुका है। पक्ष और विपक्ष के बीच इस बिल को लेकर जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है। इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय रखा गया है, लेकिन सरकार ने ये भी कहा है कि अगर सदन की सहमति होगी तो चर्चा का वक्त बढ़ाया भी जा सकता है। सरकार की तरफ से आज ही चर्चा का जवाब भी दिया जाएगा।
दिलों में बदलाव की आशा
वफ्फ बिल रखते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "मुझे न केवल उम्मीद है, बल्कि मुझे पूरा यकीन है कि इस विधेयक का विरोध करने वालों के दिलों में भी बदलाव आएगा। हर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इस विधेयक का समर्थन करेग।" बता दें कि वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा के बाद राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
हमारे पास लोकतांत्रिक समिति - अमित शाह
लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "इस बिल को संयुक्त संसदीय समिति को दिया गय। हमारे पास कांग्रेस जैसी समिति नहीं है। हमारे पास लोकतांत्रिक समिति है, जो विचार-मंथन करती है। कांग्रेस के जमाने में समिति होती थी जो थप्पा लगाती थी। हमारी समिति चर्चा करती है, चर्चा के आधार पर विचार-विमर्श करती है और बदलाव करती है। अगर बदलाव स्वीकार नहीं करना है, तो समिति का क्या मतलब है?"
विपक्ष ने कही ये बात
कांग्रेस के नेता गौरव गोगोई ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा, "सरकार अल्पसंख्यकों के प्रति सहानुभूति दिखा रही है, लेकिन उनकी डबल इंजन सरकार ने लोगों को सड़कों पर ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी। सबसे पहले, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोकसभा में उनके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं।"