
पाकिस्तान में भारत के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक अब्दुल रहमान की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। कराची में हुए हमले में इस बड़े आतंकी को बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है। मारा गया आतंकी लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का रिश्तेदार बताया जा रहा है, जो कि लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की व्यवस्था करता था।
इसकी मौत से इस आतंकी संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है। इसके जुटाए पैसे से ही लश्कर-ए-तैयबा अपनी ज्यादातर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था।
अज्ञात बंदूकधारी ने चलाई गोली
अब्दुल रहमान पर हमले के समय वह दुकान में था। उसी दौरान अज्ञात बंदूकधारी जो नकाब पहने हुए थे उसकी दुकान के सामने बाइक से उतरे और उस पर गोली चला दी। जिसके बाद तत्काल उसकी मौत हो गई।
अब्दुल रहमान पाकिस्तान में अहल-ए-सुन्नत वाल जमात का एक लोकल नेता था। लश्कर की आतंकी गतिविधियों के लिए कराची में वह फंड की व्यवस्था करता था। एजेंट फंड वसूल कर अब्दुल रहमान को देते थे जिसके बाद वह अपने रिश्तेदार और लश्कर के मुखिया हाफिज सईद के पास उन्हें पहुंचाने का काम करता
- TNP NEWS