
Neetu Pandey, नई दिल्ली: कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगातार रेसलर्स प्रदर्शन कर रहे हैं. पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत तमाम पहलवानों ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. पहलवान 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे. पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए थे.
7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ 21 अप्रैल को कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इन शिकायतों के आधार पर 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के दो मामले दर्ज किए गए थे.
28 मई को नये संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर वहां महिला महापंचायत के आयोजन के लिये बढ़ने की कोशिश के बाद दिल्ली पुलिस ने पहलवानों को कानून और व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में हिरासत में ले लिया था. उन्हें शाम को छोड़ दिया गया, लेकिन जंतर-मंतर को खाली कराके उन्हें दोबारा वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का ऐलान किया गया. वहीं इसके बाद पहलवानों ने 30 मई को हरिद्वार में अपने पदक गंगा में विसर्जित करने गए लेकिन किसान और खाप नेताओं के समझाने के बाद पहलवान बिना मेडल बहाए वापस लौट आए.
लेकिन अब रिपोर्ट्स के मुताबिक खबरें आ रही है कि बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने रेलवे की अपनी नौकरी फिर से ज्वाइन कर ली है. इस शुरुआत से इस आंदोलन का चेहरा रहे हैं. तीनों शुरुआत से ही इस आंदोलन का हिस्सा रहे हैं. इनके रेलवे की नौकरी पर वापसी के साथ ही पहलवानों के आंदोलन के भविष्य को लेकर भी अटकलें शुरु हो गई है. बता दें कि कहा जा रहा था कि साक्षी मलिक प्रदर्शन से अलग हो गईं थीं. लेकिन साक्षी मलिक ने इन खबरों को गलत बताया है. साक्षी ने पहलवानों के आंदोलन से पीछे हटने की खबर से इंकार कर दिया है. साक्षी मलिक का कहना है कि सत्याग्रह के साथ साथ रेलवे में अपनी जिम्मेदारी को साथ निभा रही हूं. उन्होंने कहा कि इंसाफ की लड़ाई में हम में से कोई न पीछे हटा है और न हटेगा. इंसाफ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी. इससे पहले साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान ने भी इन अफवाहों को गलत बताया.
साक्षी और बजरंग ने तीन जून की रात गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उसके बाद से ही मीडिया में उनके आंदोलन से नाम वापस लेने की अटकलें लगाई जा रही थी. साक्षी ने इस मुलाकात की पुष्टि की और कहा कि यह औपचारिक मुलाकात थी और इसमें कोई समाधान नहीं निकला है.

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