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NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देश की राजनीति लगातार गर्माती जा रही है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार भी अपने स्तर पर जवाबी कदम उठा रही है। कांग्रेस शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि सरकार का कहना है कि वह संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच खबर है कि भाजपा बुधवार को देशभर में कांग्रेस के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकती है और प्रदेश कांग्रेस कार्यालयों का घेराव करने की तैयारी में है।
कांग्रेस दफ्तरों के घेराव की तैयारी में भाजपा
भाजपा नेताओं के अनुसार, कांग्रेस ने हाल ही में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया। पार्टी का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों की अनदेखी की गई। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध के नाम पर ऐसी परंपराओं को बढ़ावा दे रही है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं।
इसी के विरोध में भाजपा आज देशभर के विभिन्न राज्यों में प्रदेश कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर सकती है। पार्टी कार्यकर्ताओं को इस संबंध में तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि कई राज्यों में जिला स्तर पर भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
राहुल गांधी की मांगों पर सरकार का पलटवार
NEET पेपर लीक मामले को लेकर राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी और अब गृह मंत्री अमित शाह को भी जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई है।
सरकार ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि वह लगातार अपनी मांगें बदल रहे हैं और छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कांग्रेस पर छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।
जंतर-मंतर पर विपक्ष का बढ़ता समर्थन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में जारी आंदोलन को अब कई विपक्षी दलों का समर्थन मिलने लगा है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इसके बाद शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई।
राहुल गांधी इस पूरे आंदोलन में सबसे सक्रिय नेताओं में शामिल हैं। वे लगातार छात्रों और विपक्षी दलों के साथ संवाद कर रहे हैं तथा सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना होगा।
सरकार की बातचीत से समाधान की कोशिश
राजनीतिक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बातचीत के जरिए गतिरोध कम करने की पहल भी की है। मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वांगचुक इस समय गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
सरकार की ओर से की गई यह मुलाकात मौजूदा तनावपूर्ण माहौल को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार संवाद के माध्यम से विभिन्न आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
आज का दिन रहेगा राजनीतिक रूप से अहम
आज संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। एक ओर विपक्ष NEET पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर भाजपा कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर राजनीतिक जवाब देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। ऐसे में पूरे दिन देश की राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।
Written By: Geeta Sharma





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