.jpg)
भारत और अमेरिका के बीच 21 जुलाई, मंगलवार को हुई ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने दिल्ली के किसान घाट पर प्रदर्शन का ऐलान किया। किसानों का कहना है कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों के खिलाफ है। प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने मौके पर पहुंचे कई किसानों को हिरासत में ले लिया। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए किसान घाट और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
किसान घाट पर पुलिस और RAF की कार्रवाई
प्रदर्शन शुरू होते ही किसान घाट पर मौजूद किसानों को पुलिस और RAF ने हिरासत में लेना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए किसानों को पहले से खड़ी बसों में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस के साथ RAF के जवान लगातार गश्त करते नजर आए।
दिल्ली की सीमाओं पर किसानों को रोका गया
हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को राजधानी की सीमाओं पर ही रोक दिया गया। प्रशासन ने दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रमुख बॉर्डरों पर बैरिकेडिंग कर दी, ताकि प्रदर्शनकारी किसान किसान घाट तक न पहुंच सकें। कई स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच बहस और हल्की झड़प जैसी स्थिति भी देखने को मिली। किसानों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।
किसान क्यों कर रहे हैं ट्रेड डील का विरोध?
मीडिया से बातचीत में किसानों ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से देश के कृषि क्षेत्र को नुकसान होगा। उनका दावा है कि इस समझौते के बाद विदेशी कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे भारतीय किसानों की फसलों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। किसानों का कहना है कि उनकी लागत पहले से बढ़ चुकी है और यदि बाजार में सस्ते आयातित उत्पाद आए तो उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। इसी कारण किसान इस ट्रेड डील को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
करनाल में किसान और पुलिस आमने-सामने
दिल्ली कूच के दौरान हरियाणा के करनाल स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया, जबकि पुलिस लगातार उन्हें समझाने का प्रयास करती रही।
बीजेपी सांसद अशोक मित्तल का बयान
बीजेपी सांसद अशोक मित्तल ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने किसानों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। मित्तल ने कहा कि जब संवाद का माहौल बना हुआ है, तब टकराव की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवा और किसान राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं और सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
फिलहाल दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। दूसरी ओर, किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। आने वाले दिनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच संभावित वार्ता पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
Written By: Geeta Sharma


.jpg)












