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नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में लोकतांत्रिक रूप से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों , छात्राओं और महिलाओं पर भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा जिस तरह लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है, जो सरकार एक तरफ "महिला आरक्षण", "महिलाओं का सम्मान" और "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे नारे देती है, वही सरकार जब अपनी बात रखने आई बेटियों और युवाओं पर डंडे बरसाती है, तो उस सरकार का दोहरा चरित्र पूरे देश के सामने उजागर हो जाता है यह बात राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कही |
सांसद बेनीवाल ने कहा कि
युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब संवाद और समाधान से दिया जाना चाहिए, दमन और लाठी से नहीं। सत्ता के अहंकार में जनता की आवाज़ दबाने की हर कोशिश लोकतंत्र को कमजोर करती है। बेनीवाल ने कहा कि
जंतर-मंतर से लेकर देश की संसद के बाहर तक हुआ आज का प्रदर्शन व्यवस्था के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश का प्रतीक है। देश के युवाओं ने अन्याय और दमन के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से जो आक्रोश प्रकट किया वो देश में नई क्रांति का आगाज करेगा | सांसद ने अपने एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा कि लोकतंत्र में असहमति कोई अपराध नहीं है, युवाओं के सवालों का उत्तर संवाद, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से दिया जाना चाहिए, न कि पुलिस बल और लाठीचार्ज से ,ऐसे में समय रहते सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों के आदर्शो को समझने की आवश्यकता है
Written by-एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती

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