
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ अभियान को लेकर सोमवार को दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमा गया। कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर CJP कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश
हजारों की संख्या में CJP समर्थक जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा है। वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कथित तौर पर बैरिकेड्स पार कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
संसद के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा
संसद के मानसून सत्र को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। प्रदर्शन को देखते हुए संसद परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात किए गए।
सुरक्षा कारणों से दिल्ली के कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा बनाया।
5 मेट्रो स्टेशन रहे बंद
CJP के संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से पांच मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजीव चौक, पटेल चौक और आसपास के इलाकों में भीड़ जमा हो गई। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों के नारे लगाने की सूचना मिली, जबकि सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए।
अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील के बाद अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि, पुलिस और CJP के बीच उनकी हिरासत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए।
वहीं, सोनम वांगचुक 21 दिन के उपवास के बाद अस्पताल में भर्ती हैं और उनका अनशन जारी बताया गया। इस बीच सरकार की ओर से बातचीत की पहल के बाद CJP प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।
विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन को दिया समर्थन
प्रदर्शन में कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी रही। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दे पर आवाज उठाने वालों पर बल प्रयोग नहीं होना चाहिए।
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और आतिशी भी जंतर-मंतर पहुंचे। समाजवादी पार्टी नेता डिंपल यादव ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
सरकार से बातचीत की कोशिश
CJP नेताओं ने कहा कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। संगठन के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। नड्डा ने कहा कि वह उनकी बातों को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाएंगे।
प्रदर्शन के बाद भी NEET-UG 2026 मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। जहां प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
Written By: Geeta Sharma

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