
NEET परीक्षा में पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं नवप्रवर्तक सोनम वांगचुक का आमरण अनशन सोमवार (20 जुलाई) को 23वें दिन में प्रवेश कर गया। बता दें कि फिलहाल वे सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
वांगचुक इन शर्तो पर कर सकते हैं अनशन समाप्त
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो के अनुसार, अस्पताल में उन्हें कोई भोजन नहीं दिया गया है, इसलिए उनका अनशन तकनीकी रूप से जारी है। हालांकि, इन शर्तों पर आज वो आज अनशन समाप्त करने की बात कही है।
जिसमें वांगचुक ने इसके लिए तीन शर्तें रखी हैं
अगर सरकार शिक्षा प्रणाली में हालिया नाकामियों- जैसे पेपर लीक- की जिम्मेदारी लेती है।
या...
मैं और CJP की लीडरशिप संसद तक पहुंचें और वहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाएं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे, या
अगर मेरी सेहत या कोई और वजह इसकी इजाजत न दे, तो अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर उपरोक्त आश्वासन दें।
WHEN WILL I END THE FAST….!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T
CJP ने संसद तक शांतिपूर्ण मार्च का किया आह्वान
इसी दिन संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद तक शांतिपूर्ण मार्च का आह्वान किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके बावजूद संगठन अपने कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा हुआ है।
CJP ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की
मार्च से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने समर्थकों से किसी भी तरह की हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि मार्च के लिए पुलिस से कोई औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने कही ये बात
रविवार को दिल्ली पुलिस ने बताया था कि जंतर-मंतर रोड पर निर्धारित प्रदर्शन स्थल को छोड़कर नई दिल्ली जिले के अन्य हिस्सों में धारा 163 लागू रहेगी। पुलिस के अनुसार संसद की ओर किसी भी मार्च की अनुमति नहीं दी गई है और लोगों से अनधिकृत सभा या जुलूस का हिस्सा न बनने की अपील की गई है।
उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने कहा कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में धारा 163 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNSS की धारा 223 सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
सोनम वांगचुक की सेहत स्थिर
लगातार अनशन के कारण स्वास्थ्य बिगड़ने पर कुछ दिन पहले सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार उनके सभी महत्वपूर्ण शारीरिक मानक फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन लंबे उपवास के कारण शरीर काफी कमजोर हो चुका है। रविवार रात जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि उनके ब्लड प्रेशर में हल्का सुधार देखा गया है। हालांकि, लंबे समय तक भोजन न करने के प्रभावों को देखते हुए उन्हें 24 घंटे विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। सफदरजंग अस्पताल और AIIMS के विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित स्वास्थ्य जटिलता का समय रहते पता लगाकर तत्काल उपचार किया जा सके।
Written By Toshi Shah















