
UP Politics: यूपी में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां अभी से तेज हो चुकी हैं। प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हैं। इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के सपा को लेकर दिए गए बयान पर सियासी बहस छिड़ गई है। अब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इमरान मसूद के बयान को महज 'प्रेशर टैक्टिस' यानी दबाव बनाने की रणनीति करार दिया है।
सीटों के लिए दबाव बना रही है कांग्रेस: एसटी हसन
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत अधिक से अधिक सीटें हासिल करने के उद्देश्य से इस तरह के बयान दे रही है। उनके अनुसार, सीटों का बंटवारा किसी नेता के सार्वजनिक बयान से नहीं, बल्कि पिछले चुनावी प्रदर्शन के आधार पर तय होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उतनी ही सीटें मिलेंगी, जितनी उसके पिछले चुनावों में वोट प्रतिशत और प्रदर्शन के आधार पर बनती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इमरान मसूद के बयान से गठबंधन पर किसी तरह का असर पड़ने वाला नहीं है।
गठबंधन पर फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा
सपा नेता ने कहा कि गठबंधन रहेगा या नहीं, कितनी सीटों पर कौन चुनाव लड़ेगा, इसका फैसला केवल शीर्ष नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि न तो उनकी और न ही इमरान मसूद की इतनी हैसियत है कि वे इस तरह के निर्णय लें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और प्रोफेसर रामगोपाल यादव जैसे वरिष्ठ नेता ही इस विषय पर अंतिम फैसला करेंगे। उनके मुताबिक, सभी बड़े नेता देश के भविष्य और विपक्षी एकजुटता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेंगे।
सेकुलर वोटों की एकजुटता पर दिया जोर
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि मौजूदा समय में देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि भविष्य में देश में सांप्रदायिक ताकतों का प्रभाव बढ़ेगा या धर्मनिरपेक्ष ताकतें मजबूत होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति अपने चरम पर पहुंच चुकी है और ऐसे समय में सभी धर्मनिरपेक्ष दलों और मतदाताओं को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा न्याय और सामाजिक सद्भाव की राजनीति करती है तथा अखिलेश यादव कभी हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं करते, बल्कि इंसाफ की बात करते हैं।
आमिर खान की शादी पर भी रखी राय
फिल्म अभिनेता आमिर खान की शादी को लेकर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे द्वारा दिए गए "लव जिहाद" संबंधी बयान पर भी डॉ. एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दो बालिग व्यक्तियों को अपनी इच्छा से विवाह करने का संवैधानिक अधिकार है और यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत मामला है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों को सांप्रदायिक रंग देना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, कुछ नेता हर मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम विवाद बनाने का प्रयास करते हैं, जबकि समाज को ऐसे बयानों से बचना चाहिए।
बीजेपी पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप
डॉ. एसटी हसन ने कोलकाता हवाई अड्डे पर स्थित एक मस्जिद को बंद किए जाने के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में सांप्रदायिकता बढ़ रही है और धार्मिक स्थलों के सम्मान की परंपरा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का सम्मान सदियों से होता आया है, लेकिन वर्तमान समय में मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों के प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाया जा रहा है।
मथुरा कार सेवा पर भी उठाए सवाल
मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर डॉ. एसटी हसन ने कहा कि अब इस तरह के आंदोलनों को पहले जैसी सफलता मिलने की संभावना कम है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कार सेवा के दौरान देश का माहौल प्रभावित हुआ था और हाल के समय में मंदिरों में चढ़ावे और दान से जुड़े विवादों ने लोगों का भरोसा भी कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास, रोजगार और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रही है और राजनीतिक दलों को भी इन्हीं विषयों पर अपनी प्राथमिकता तय करनी चाहिए।
Written By: Geeta Sharma






