
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अपनी सरकार के गठन के बाद पहली बार मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार 20 जुलाई को किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भी इस संबंध में संकेत दिए हैं और कहा है कि वह जल्द ही पार्टी आलाकमान से मुलाकात के लिए दिल्ली जाएंगे। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। साथ ही कांग्रेस सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए जातीय समीकरणों पर भी विशेष ध्यान देगी।
राज्य में अभी 20 मंत्री पद खाली
कर्नाटक में मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 सदस्य हो सकते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री समेत केवल 14 मंत्री ही सरकार का हिस्सा हैं। ऐसे में अभी 20 मंत्री पद रिक्त हैं। कांग्रेस के भीतर इन पदों को लेकर काफी हलचल है और कई वरिष्ठ विधायक मंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्री पद हासिल करने के लिए जोरदार लॉबिंग चल रही है। संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखते हुए योग्य नेताओं को जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है।
18 जुलाई को दिल्ली दौरे की संभावना
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 18 जुलाई को दिल्ली जा सकते हैं, जहां वह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इसी बैठक में संभावित मंत्रियों के नामों पर अंतिम चर्चा होने की उम्मीद है। यदि आलाकमान की मंजूरी मिलती है तो 20 जुलाई को मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। यह विस्तार संसद के मानसून सत्र और राज्य विधानसभा के आगामी सत्र से पहले होने की संभावना है, ताकि सरकार पूरी क्षमता के साथ सदन में काम कर सके।
विधानसभा सत्र सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता विधानसभा का आगामी सत्र है, जो 6 अगस्त से शुरू होने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से कैबिनेट विस्तार में किसी तरह की देरी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही पार्टी नेतृत्व समय देगा, वह दिल्ली जाएंगे। उनके अनुसार, अगले 3-4 दिनों में आलाकमान से बैठक की तारीख मिलने की उम्मीद है।
कावेरी जल विवाद पर भी सरकार की नजर
कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कर्नाटक के किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का पहला दायित्व किसानों की जरूरतों और पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करना है। साथ ही अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए तमिलनाडु को पानी छोड़ने के मुद्दे पर भी संतुलित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 जुलाई को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के समक्ष कर्नाटक अपना पक्ष रखेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
सरकार गठन के बाद पहला बड़ा विस्तार
गौरतलब है कि डीके शिवकुमार ने 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय उपमुख्यमंत्री समेत कुल 12 विधायकों को मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी। अब पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है, जिसे सरकार और कांग्रेस संगठन दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। इस विस्तार से न केवल सरकार की प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आगामी चुनावों से पहले पार्टी विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों को भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिश करेगी।
Written By: Geeta Sharma















