
उत्तर प्रदेश को रविवार के बाद सोमवार, 13 जुलाई को एक बड़ी परियोजना की सौगात मिली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ-कानपुर नेशनल एक्सप्रेसवे (NE-6) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।
मंगलवार सुबह से आम लोगों के लिए खुलेगा एक्सप्रेसवे
उद्घाटन के बाद आम नागरिकों के लिए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मंगलवार सुबह 8 बजे से खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने के साथ ही दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और लाखों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
अब 35 से 45 मिनट में पूरा होगा सफर
अब तक लखनऊ से कानपुर की यात्रा में ट्रैफिक और भीड़भाड़ के कारण लगभग 2.5 से 3 घंटे तक का समय लग जाता था। लेकिन नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यही दूरी महज 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे समय की बचत के साथ ईंधन की खपत भी कम होगी।
63 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर नेशनल एक्सप्रेसवे (NE-6) की कुल लंबाई 63 किलोमीटर है। इसे लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह छह लेन का आधुनिक एक्सप्रेसवे है, जिसकी शुरुआत लखनऊ के शहीद पथ से होती है और इसका अंतिम छोर कानपुर के चकेरी में है।
वाहनों के लिए तय की गई स्पीड लिमिट
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित और तेज यातायात सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा निर्धारित की गई है। कारों के लिए अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है।
दोपहिया और तीनपहिया वाहनों की एंट्री पर रोक
इस एक्सप्रेसवे पर केवल चार पहिया और उससे बड़े वाहनों को चलने की अनुमति होगी। सुरक्षा कारणों से सभी प्रकार के दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
कितना देना होगा टोल
एक्सप्रेसवे पर मंगलवार से ही टोल वसूली शुरू हो जाएगी। कारों के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये निर्धारित किया गया है। यदि कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापसी करता है तो दोनों तरफ का कुल टोल 415 रुपये होगा। हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 445 रुपये तथा 24 घंटे के भीतर आने-जाने पर 670 रुपये देना होगा। वहीं बस और ट्रकों के लिए एक तरफ का टोल 935 रुपये तथा वापसी सहित 1,405 रुपये निर्धारित किया गया है। भारी वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 1,020 रुपये और दोनों तरफ का 1,530 रुपये तय किया गया है।
छह स्थानों से मिलेगी एंट्री और एग्जिट
यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे पर कुल छह एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए गए हैं। लखनऊ में दारोगाखेड़ा, बनी और हरौनी, उन्नाव में अजगैन और अमरपास तथा कानपुर में आजाद चौक के पास वाहनों की आवाजाही की सुविधा उपलब्ध होगी।
बैरियर-फ्री MLFF टोलिंग सिस्टम की शुरुआत
यह उत्तर प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे है जहां बैरियर-फ्री मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू किया गया है। इस तकनीक के तहत वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। हाईटेक कैमरे वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग की जानकारी पढ़कर टोल राशि अपने आप काट लेंगे, जिससे सफर और अधिक तेज और सुगम होगा।
फास्टैग नहीं होने पर लगेगा जुर्माना
यदि किसी वाहन पर फास्टैग नहीं लगा होगा तो कैमरे नंबर प्लेट के जरिए वाहन की पहचान करेंगे। ऐसे मामलों में वाहन मालिक को दोगुना टोल देने के साथ 500 से 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। तय समय के भीतर राशि जमा नहीं करने पर वाहन की आरसी निलंबित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे व्यापार, उद्योग, निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क यात्रा का अनुभव मिलेगा।
Written By: Geeta Sharma















