
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच चल रही बयानबाजी ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस बार विवाद की शुरुआत कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान से हुई, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। इमरान मसूद का कहना है कि समाजवादी पार्टी नहीं चाहती कि मुस्लिम समुदाय का कोई नेता स्वतंत्र रूप से अपनी राय रखे या खुलकर अपनी बात कहे।
इमरान मसूद ने अखिलेश यादव पर लगाया आरोप
इमरान मसूद यह भी आरोप लगाया कि जब मस्जिदों पर हमले जैसे संवेदनशील मुद्दे सामने आते हैं, तब अखिलेश यादव मुसलमानों के समर्थन में खुलकर आवाज नहीं उठाते। इसके अलावा इमरान मसूद ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को कांग्रेस के साथ गठबंधन की सबसे अधिक जरूरत है, क्योंकि कांग्रेस के सहयोग के बिना पार्टी को अपेक्षित चुनावी सफलता हासिल करना मुश्किल हो जाता है। उनके इस बयान के बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई।
राजीव राय ने इमरान मसूद की टिप्पणियों पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
इमरान मसूद की टिप्पणियों पर समाजवादी पार्टी की ओर से सांसद राजीव राय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि इमरान मसूद को यह नहीं भूलना चाहिए कि समाजवादी पार्टी के सहयोग से ही वे चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं। राजीव राय ने उन्हें सार्वजनिक रूप से सलाह देते हुए कहा कि व्यक्तिगत एजेंडा चलाने से बचना चाहिए और विपक्षी एकता को कमजोर करने वाले बयानों से परहेज करना चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई नेता अपने निजी हितों को प्राथमिकता देगा तो जनता उसे माफ नहीं करेगी। राजीव राय के मुताबिक समाजवादी पार्टी का कोई भी नेता कांग्रेस पर व्यक्तिगत हमला नहीं करता और सभी का उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी को चुनाव में चुनौती देना है।
अनुराग भदौरिया ने भी मसूद के बयानों की आलोचना की
वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग भदौरिया ने भी इमरान मसूद के बयानों की आलोचना की, उन्होंने कहा कि इमरान मसूद की भाषा और शैली अब ओपी राजभर जैसी होती जा रही है, जहां बिना ठोस तथ्यों के बयान देकर केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश की जाती है। भदौरिया ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान केवल मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए दिए जाते हैं और इनका कोई वास्तविक राजनीतिक आधार नहीं होता।
नेताओं को बचना चाहिए बयानबाजी से- अनुराग भदौरिया
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन से जुड़ा अंतिम फैसला दोनों दलों का राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी इस संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर नेताओं को अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए। भदौरिया ने कहा कि बड़े चुनावों के समय सस्ती राजनीति से दूर रहना सभी दलों के हित में है, क्योंकि जनता हर बयान और राजनीतिक गतिविधि पर नजर रखती है।
Written By Toshi Shah

