
लंबी यात्रा पर निकलने से पहले लोग अक्सर टिकट, बैग और जरूरी सामान की तैयारी तो कर लेते हैं, लेकिन यदि आपको बार-बार टॉयलेट आने की परेशानी रहती है, तो कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी जरूरी हैं। सफर के दौरान समय पर शौचालय न मिलने से असहजता बढ़ सकती है और यात्रा का आनंद भी प्रभावित हो सकता है। थोड़ी-सी योजना बनाकर आप इस समस्या को काफी हद तक संभाल सकते हैं।
यात्रा से पहले रूट की योजना बनाएं
यदि आप कार से लंबी दूरी तय करने वाले हैं, तो पहले से यह पता कर लें कि रास्ते में पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया या सार्वजनिक शौचालय कहां उपलब्ध हैं। इससे जरूरत पड़ने पर आपको जल्द सुविधा मिल सकेगी और अनावश्यक तनाव से भी बचाव होगा।
खानपान पर रखें नियंत्रण
सफर शुरू होने से कुछ घंटे पहले ऐसे खाद्य और पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखें जो मूत्राशय को अधिक सक्रिय कर सकते हैं। चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, शराब, अत्यधिक मसालेदार भोजन और कार्बोनेटेड पेय कई लोगों में बार-बार पेशाब आने की समस्या बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय हल्का और सुपाच्य भोजन चुनना बेहतर रहेगा।
पानी पीना पूरी तरह न करें बंद
यह सोचकर पानी कम पीना कि टॉयलेट कम आएगा, सही तरीका नहीं है। शरीर में पानी की कमी होने से दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यात्रा से पहले और दौरान जरूरत के अनुसार पानी पीते रहें, लेकिन एक साथ बहुत अधिक मात्रा में तरल पदार्थ लेने से बचें।
साथ रखें जरूरी सामान
यदि आपको यूरिन लीकेज या बार-बार टॉयलेट आने की समस्या रहती है, तो अतिरिक्त अंडरगारमेंट्स, टिश्यू पेपर, वेट वाइप्स, हैंड सैनिटाइजर और जरूरत होने पर एब्जॉर्बेंट पैड अपने बैग में रखें। इससे अचानक स्थिति बनने पर भी आप बिना घबराहट के उसे संभाल सकेंगे।
तनाव कम रखें और ब्लैडर को शांत रखने की करें कोशिश
कई बार शौचालय न मिलने की चिंता ही बार-बार टॉयलेट आने की इच्छा को बढ़ा देती है। ऐसे समय में गहरी सांस लेना और खुद को शांत रखना मददगार हो सकता है। यदि डॉक्टर ने पेल्विक फ्लोर या केगल एक्सरसाइज करने की सलाह दी है, तो उनका अभ्यास भी कुछ समय के लिए पेशाब की तीव्र इच्छा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।
समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से लें सलाह
यदि लंबे समय से बार-बार टॉयलेट आना या यूरिन लीकेज जैसी परेशानी आपकी यात्रा या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से जांच और सलाह लेने पर सही कारण का पता लगाया जा सकता है और उचित इलाज से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
Written By Toshi Shah















