
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार शाम शिमला में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों को इस वर्ष के अंत तक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाए। साथ ही उन्होंने आगे यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराना है। ताकि गंभीर उपचार के लिए लोगों को अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग में भर्ती से दूर होगी स्टाफ की कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हजारों पदों पर भर्ती की है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पदों और 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त पैरामेडिकल श्रेणियों के 162 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं। उनका कहना था कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और पीईटी स्कैन मशीनों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर तथा अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान (एआईएमएसएस) चमियाणा में आधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, जबकि टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए भी पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आधुनिक सुविधाओं के उपलब्ध होने से कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार में बड़ी सहायता मिलेगी।
चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के स्तर को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा प्रत्येक बैच में 60 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि आईजीएमसी, शिमला में तीन नए लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज में नए लेक्चर थिएटर के निर्माण के लिए अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
चमियाणा में तेजी से चल रहा आधारभूत ढांचे का विस्तार
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में बताया कि एआईएमएसएस चमियाणा में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल ब्लॉक तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को आधुनिक आधारभूत अधोसंरचना और विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित कर रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।
प्रदेशवासियों को घर के नजदीक मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जब सभी निर्माण कार्य पूरे हो जाएंगे और आवश्यक चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध हो जाएगा, तब प्रदेश के लोगों को उनके घर के नजदीक ही उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी। बैठक में महाधिवक्ता अनुप रतन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
Written By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती















