
अगर आपको बिना ज्यादा काम किए भी बार-बार थकान महसूस होती है या आपके नाखून कमजोर होकर जल्दी टूट जाते हैं, तो यह शरीर में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी का संकेत हो सकता है। आज की व्यस्त जीवनशैली में असंतुलित खानपान, तनाव और फास्ट फूड पर बढ़ती निर्भरता के कारण कई लोग पोषण से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पोषण की कमी की परेशानी अक्सर अचानक नहीं दिखाई देती, बल्कि धीरे-धीरे इसके संकेत शरीर में नजर आने लगते हैं। यही वजह है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं।
विशेषज्ञों की राय
डाक्टरों के अनुसार, पोषण की कमी एक आम समस्या बन चुकी है, खासकर शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों में। उनका कहना है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य दिखाई देते हैं, इसलिए कई बार लोग इन्हें पहचान नहीं पाते।
शरीर में पोषण की कमी के प्रमुख संकेत
लगातार थकान रहना
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर में कमजोरी और सुस्ती बनी रहती है, तो यह किसी पोषक तत्व की कमी की ओर इशारा कर सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से काम करने की क्षमता और ऊर्जा स्तर प्रभावित हो सकते हैं।
अधिक बाल झड़ना
मौसम बदलने के दौरान कुछ बाल गिरना सामान्य है, लेकिन अगर लगातार ज्यादा बाल टूट रहे हैं, तो इसके पीछे पोषण की कमी भी एक कारण हो सकती है। बालों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने पर उनकी मजबूती और बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मुंह में छाले या होंठों का बार-बार फटना
बार-बार मुंह में छाले होना या होंठों का सूखकर फटना केवल मौसम या छोटी परेशानी की वजह से नहीं होता। कई बार यह शरीर में जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी का संकेत भी हो सकता है।
हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
हाथों और पैरों में बार-बार झुनझुनी महसूस होना या सुन्नपन आना शरीर में कुछ कमियों की ओर संकेत कर सकता है। इसे लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका संबंध नसों के स्वास्थ्य से भी हो सकता है।
त्वचा का फीका पड़ना और कमजोर नाखून
अगर त्वचा का रंग पीला या चेहरा बुझा हुआ नजर आने लगे और नाखून आसानी से टूटने लगें, तो यह भी शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है।
जांच और बचाव का तरीका
विशेषज्ञों के मुताबिक, पोषण संबंधी कमियों की पहचान के लिए सामान्य रक्त जांच काफी मददगार हो सकती है। जांच के आधार पर खानपान में सुधार किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं। शरीर में होने वाले छोटे बदलावों को समय पर समझना जरूरी है। सही पोषण और संतुलित आहार अपनाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
Written By Toshi Shah















