
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा सामने आया। जब सेक्टर-16 स्थित पॉकेट जी-5 में एमसीडी स्कूल के पीछे निर्माणाधीन 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। जानकारी के अनुसार मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, देर शाम तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कितने लोग इमारत के भीतर मौजूद थे और कितने लोग इस दुर्घटना की चपेट में आए हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग पहुंचा मौके पर
दमकल विभाग के अनुसार शाम करीब 4:20 बजे इमारत गिरने की सूचना पुलिस और फायर कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और अन्य राहत एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं। दमकल विभाग की पांच गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू टीम मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई है। बचाव अभियान के दौरान आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
कई लोगों के दबे होने की आशंका
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि इमारत के भीतर कुछ लोग मौजूद थे, जिसके चलते कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी संभावित पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इमारत गिरते ही तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया।
बारिश को माना जा रहा संभावित कारण
जानकारी के मुताबिक लगातार हो रही बारिश के कारण निर्माणाधीन इमारत की संरचना कमजोर पड़ गई, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां मूल रूप से 3 मंजिला इमारत के निर्माण का कार्य चल रहा था, जबकि इमारत की ऊंचाई को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन इस पहलू की भी जांच करेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रशासन ने कहा है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद भवन निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेजों और निर्माण गुणवत्ता की जांच की जाएगी। यदि निर्माण में लापरवाही,नियमों का उल्लंघन या अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो संबंधित बिल्डर, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बचाव एजेंसियां लगातार राहत कार्य में जुटी हैं
फिलहाल पुलिस,दमकल विभाग और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बचाव अभियान में सहयोग करें। सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
Written By: Geeta Sharma















