
दिल्ली और पंजाब से गिरफ्तार किए गए छह संदिग्धों से पूछताछ के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी आतंकी साजिश के संकेत मिले हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि दिल्ली के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी। इनमें सिविल लाइन्स स्थित न्यू पुलिस लाइन, आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT), आनंद विहार रेलवे स्टेशन और राजधानी के व्यस्त बाजार शामिल थे। जांच के अनुसार, आरोपियों ने इन स्थानों की रेकी कर वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर को भेजे थे।
पाकिस्तान से मिल रहे थे निर्देश
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार संदिग्ध कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। आरोप है कि शहजाद भट्टी प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप के जरिए उन्हें लगातार निर्देश दे रहा था। जांच एजेंसियों ने आरोपियों के मोबाइल फोन से सोशल मीडिया चैट और रेकी के वीडियो भी बरामद किए हैं। जून के अंतिम सप्ताह की कथित चैट में शहजाद भट्टी ने दानिश से "सामान" मिलने और उसे तैयार रखने की बात कही थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि 'सामान' शब्द का इस्तेमाल कथित तौर पर हमले में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के लिए किया गया था।
रेकी के वीडियो और पेट्रोल बम बरामद
स्पेशल सेल के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन में न्यू पुलिस लाइन, आनंद विहार बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी के वीडियो मिले हैं। दावा किया गया है कि ये वीडियो प्रतिबंधित ऐप के माध्यम से पाकिस्तान भेजे गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने राजघाट के पीछे स्थित विजय घाट इलाके से पेट्रोल बम भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी संभावित हमले की तैयारी की ओर संकेत करती है। साथ ही यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी केवल शहजाद भट्टी ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में मौजूद उसके करीब दस अन्य सहयोगियों के भी संपर्क में थे।
आरोपियों की कथित भूमिकाएं
जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रत्येक आरोपी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। दानिश उर्फ चांद मिया को दिल्ली में संभावित लक्ष्य स्थलों की रेकी करने और हमले की योजना तैयार करने का काम सौंपा गया था। जांच में दावा किया गया है कि सफल होने पर उसे 20 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।
संदिग्धों के नाम
1. सलमान, को कथित हमले का वीडियो रिकॉर्ड कर सीधे पाकिस्तान भेजने की जिम्मेदारी दी गई थी।
2.तैयब, जो शाहीन बाग का रहने वाला है, पर हथियारों की खेप लेने और उन्हें आगे बेचने का आरोप है।
3. जुबैर खान, निवासी मोदीनगर (गाजियाबाद), पर अमृतसर से हथियार लाने की जिम्मेदारी निभाने का आरोप लगाया गया है।
4. अली फजल, निवासी मेरठ, कथित तौर पर हथियारों की बिक्री का काम संभाल रहा था।
5. मलकीत सिंह, निवासी अमृतसर, पर पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों को आगे सप्लाई करने का आरोप है।
जांच जारी,सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का फोकस अब पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलरों, उनके भारतीय संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क का पता लगाने पर है। साथ ही बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल चैट की फोरेंसिक जांच भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभी आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। फिलहाल राजधानी और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्प्रभावी किया जा सके।
Written By: Geeta Sharma















