
Bankipur By Election 2026: बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में जन सुराज पार्टी ने अपने प्रमुख चेहरे के रूप में प्रशांत किशोर को उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोर कमेटी की सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है कि इस उपचुनाव में प्रशांत किशोर पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी। यह सीट लंबे समय से राज्य की राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती रही है।
प्रशांत किशोर ने स्वीकार की जिम्मेदारी
उम्मीदवार घोषित होने के बाद प्रशांत किशोर ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वे मजबूती से बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे और जनता के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनता का समर्थन मिला तो वे विधानसभा में जाकर लोगों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे। उनके अनुसार यह चुनाव केवल एक सीट का नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं और भरोसे की परीक्षा भी है।
यह उपचुनाव सरकार की परीक्षा है: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने इस उपचुनाव को मौजूदा बिहार सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षण बताया। उन्होंने कहा कि जनता का निर्णय यह तय करेगा कि राज्य की राजनीति किस दिशा में जाएगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोग उम्मीदवार के काम और योग्यता को देखकर वोट दें, न कि केवल पार्टी के आधार पर। उनका कहना था कि हालांकि यह उपचुनाव सरकार नहीं बदल सकता, लेकिन यह बिहार की राजनीतिक दिशा को जरूर प्रभावित कर सकता है।
बांकीपुर सीट का राजनीतिक महत्व
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की राजनीति में एक मजबूत राजनीतिक गढ़ मानी जाती रही है। यह सीट लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव क्षेत्र रही है। इस सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन विधायक रह चुके हैं। बाद में उनके राज्यसभा में जाने के कारण यह सीट खाली हो गई, जिसके चलते यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। बांकीपुर सीट शहरी मतदाताओं और राजनीतिक रूप से जागरूक वर्ग की वजह से हमेशा से चर्चाओं में रहती है, और यहां के चुनाव परिणाम अक्सर राज्य की राजनीतिक हवा का संकेत देते हैं।
जन सुराज की चुनावी रणनीति और पिछला प्रदर्शन
जन सुराज पार्टी बिहार में हाल के वर्षों में एक उभरती हुई राजनीतिक शक्ति के रूप में सामने आई है। प्रशांत किशोर ने पहले विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ने से परहेज किया था और संगठन निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया था। हालांकि पार्टी अपने पहले बड़े चुनावी परीक्षण में कोई सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी थी,लेकिन उसे लगभग 4 प्रतिशत के आसपास वोट शेयर मिला था, जिसे एक शुरुआती आधार के रूप में देखा गया था। इस उपचुनाव में प्रशांत किशोर का खुद मैदान में उतरना पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक प्रयोग माना जा रहा है, जिससे यह तय होगा कि जन सुराज जमीनी स्तर पर कितनी मजबूती से अपनी पकड़ बना पा रही है।
Written By: Geeta Sharma















