
भारत सरकार ने इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर पेड विज्ञापनों के माध्यम से बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री के प्रचार-प्रसार के मामले को गंभीरता से लेते हुए मेटा को नोटिस जारी किया है। सरकार ने कंपनी को ऐसे सभी विज्ञापन और संबंधित कंटेंट तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही इस मामले में विस्तृत जवाब देने के लिए सात दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
आईटी मंत्रालय ने मेटा से पूछा सवाल
यह कार्रवाई उस रिपोर्ट के बाद की गई, जिसमें दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर कई ऐसे विज्ञापन चल रहे थे जो उपयोगकर्ताओं को उन प्लेटफॉर्मों तक पहुंचा रहे थे, जहां पैसे के बदले बाल यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी। आईटी मंत्रालय ने मेटा से पूछा है कि इस तरह की सामग्री उसके प्लेटफॉर्म पर कैसे पहुंची और इसे रोकने के लिए अब तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।
रिपोर्ट में क्या सामने आया?
एक मीडिया जांच के अनुसार, इंस्टाग्राम पर दो दर्जन से अधिक पेड विज्ञापन ऐसे पाए गए, जिनमें टेलीग्राम चैनलों के लिंक दिए गए थे। आरोप है कि इन चैनलों के माध्यम से भुगतान लेकर बाल यौन शोषण से संबंधित गैर-कानूनी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 30 विज्ञापनदाता इस प्रकार की सामग्री का प्रचार कर रहे थे और उनके विज्ञापन इंस्टाग्राम की मॉडरेशन प्रक्रिया से गुजरने के बाद प्लेटफॉर्म पर दिखाई दिए।
मेटा और इंस्टाग्राम की प्रतिक्रिया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इंस्टाग्राम ने कहा कि संबंधित पोस्ट उसकी कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन नहीं करती थीं। वहीं मेटा ने अलग बयान जारी कर बताया कि शिकायत मिलने के बाद कई विज्ञापनों को हटा दिया गया है और उनसे जुड़े कई विज्ञापनदाता खातों को भी निलंबित कर दिया गया है।
व्हाट्सऐप फीचर को लेकर भी बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में मेटा को एक अन्य मामले में भी सरकारी जांच का सामना करना पड़ा है। व्हाट्सऐप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर सरकार ने आशंका जताई थी कि इसका दुरुपयोग कर साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से सरकार ने फिलहाल इस फीचर के लॉन्च पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं और मेटा से इस संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा है।
Written By Toshi Shah















