
पवित्र अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। गुरुवार, 2 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से पहले जत्थे को बालटाल और पहलगाम मार्ग के लिए रवाना किया। पहले जत्थे में 4,822 श्रद्धालु शामिल थे, जिन्हें 259 वाहनों के सुरक्षा काफिले के साथ भेजा गया। यह यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी, जिसके दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन करेंगे।
सोशल मीडिया मंच पीएम ने दी शुभकामनाएं
यात्रा के आरंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं, उन्होंने अपने पहले संदेश में बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य की कामना की। इसके बाद उन्होंने भगवान शिव को समर्पित एक संस्कृत श्लोक साझा कर यात्रा के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया।
बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए पांच संकल्पों से जुड़ा मेरा यह पत्र… pic.twitter.com/6Bc2Y9tXJC
— Narendra Modi (@narendramodi) July 3, 2026
दूसरे पोस्ट में पीएम ने कही ये बात
अपने दूसरे संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उन्होंने कामना व्यक्त की कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और मंगलमय रहे। इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं के नाम एक पत्र जारी कर यात्रा के दौरान पांच महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने की अपील की।
पीएम ने श्रद्धालुओं से 5 संकल्प लेने की अपील की
प्रधानमंत्री द्वारा सुझाए गए पांच संकल्पों में सबसे पहले स्वच्छता बनाए रखने और पूरे यात्रा मार्ग को साफ रखने में सहयोग देने की बात कही गई है। दूसरा संकल्प प्रशासन के निर्देशों तथा सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करने का है, विशेष रूप से बारिश, फिसलन और ठंड जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। तीसरे संकल्प के तहत प्रधानमंत्री ने "वोकल फॉर लोकल" अभियान को बढ़ावा देते हुए श्रद्धालुओं से स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का अनुरोध किया, ताकि क्षेत्र के लोगों की आजीविका को मजबूती मिल सके। चौथे संकल्प में रक्षाबंधन के अवसर पर भाई या बहन को एक पौधा उपहार में देने और "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से जुड़ने की अपील की गई। पांचवें संकल्प में प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया।
श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का विषय- पीएम
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा में शामिल होना हर श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने इसे भारत की प्राचीन आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक जीवंत उदाहरण बताया, जहां अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग एक ही आस्था के सूत्र में बंधकर भगवान शिव के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं।
पीएम ने कही ये बात
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सांस्कृतिक एकता और सेवा भावना का प्रेरक उत्सव बनेगी, उन्होंने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की प्रार्थना करते हुए उनके जीवन में नई ऊर्जा, आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक चेतना के संचार की कामना की।
Written By Toshi Shah















