
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 में शामिल होने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों को परीक्षा तिथि पर विशेष अवकाश देने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र शिक्षक अपनी सेवा संबंधी जिम्मेदारियों के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने से वंचित न रहे।
शासन का स्पष्ट उद्देश्य
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और शिक्षकों की पेशेवर दक्षता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है कि जो शिक्षक वर्तमान में बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं और UPTET-2026 में अभ्यर्थी के रूप में शामिल हो रहे हैं, उन्हें संबंधित परीक्षा दिवस पर विशेष अवकाश प्रदान किया जाएगा। इससे शिक्षक बिना किसी प्रशासनिक या कार्य संबंधी दबाव के परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे।
विशेष सचिव ने जारी किए निर्देश
विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी द्वारा शिक्षा निदेशक (बेसिक) को जारी पत्र में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा UPTET-2026 का आयोजन 2, 3 एवं 4 जुलाई, 2026 को किया जाएगा। इन तिथियों में बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षक भी परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा में सम्मिलित होने वाले शिक्षकों को उनके परीक्षा दिवस पर विशेष अवकाश स्वीकृत किया जाए।
प्रभावी अनुपालन के निर्देश
शासन ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) को निर्देशित किया है कि इस निर्णय का प्रभावी एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसी भी पात्र शिक्षक को विशेष अवकाश प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही, विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी संतुलित संचालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है।
सभी जिलों को भेजा गया शासनादेश
इस संबंध में जारी शासनादेश की प्रति स्कूल शिक्षा महानिदेशक, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव तथा प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों को समय पर विशेष अवकाश उपलब्ध कराया जाए, जिससे परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।
शिक्षकों के हित में सकारात्मक पहल
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय शिक्षकों के हित में एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम है। इससे न केवल शिक्षकों को अपनी पात्रता और योग्यता बढ़ाने का अवसर मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन को भी बढ़ावा मिलेगा। शासन का यह फैसला शिक्षकों के मनोबल को मजबूत करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
शिक्षा सुधार की दिशा में एक और कदम
योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्ता आधारित बनाने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। UPTET-2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को विशेष अवकाश देने का निर्णय भी इसी सोच का हिस्सा है। इससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि सरकार शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को प्राथमिकता दे रही है और उन्हें अपनी योग्यता बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उम्मीद की जा रही है कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में शिक्षक बिना किसी बाधा के परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे और भविष्य में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Written By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती















