
महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर तेज उथल-पुथल के दौर में है। “ऑपरेशन टाइगर” और शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के कथित बगावत के बाद राज्य का सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था की नैतिकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज ठाकरे ने बिना किसी का नाम लिए केंद्र की राजनीति और सत्ता के समीकरणों पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बने रहना किसी का स्थायी अधिकार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासन का उदाहरण देते हुए कहा कि समय बदलने के साथ राजनीतिक परिस्थितियां भी बदलती हैं।
सांसदों के पाला बदलने पर उठाए सवाल
शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के कथित तौर पर शिंदे गुट के संपर्क में होने की खबरों के बीच राज ठाकरे ने सवाल उठाया कि यदि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, तो ऐसे सांसद सीधे उसी दल में शामिल होने के बजाय अन्य गुटों की ओर क्यों जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में राजनीतिक फैसले विचारधारा से अधिक रणनीति और सत्ता समीकरणों से प्रभावित हो रहे हैं। राज ठाकरे ने यहां तक कहा कि अगर राजनीतिक विरोध की जगह स्पष्ट रूप से टकराव होता, तो शायद परिस्थितियां अलग होतीं, लेकिन वर्तमान में जो हो रहा है, वह एक अलग तरह की राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है।
राजनीति में खरीद-फरोख्त का आरोप
MNS प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त करोड़ों रुपये में हो रही है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में जनप्रतिनिधियों की आत्मसम्मान की भावना कमजोर होती जा रही है और राजनीतिक नैतिकता पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही उन्होंने राज्य की महायुति सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस बीच शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के कथित तौर पर शिंदे गुट में जाने की अटकलों ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है। बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने स्पीकर को प्रस्ताव देकर अपनी मंशा जताई है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं उद्धव ठाकरे ने हाल ही में पार्टी की 60वीं वर्षगांठ पर साफ किया था कि वह सत्ता या पद के लिए राजनीति में नहीं आए हैं और कार्यकर्ताओं की इच्छा तक नेतृत्व करते रहेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परिस्थितियों के अनुसार वह किसी भी समय पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए इसे “ट्रेलर” बताया और कहा कि “फिल्म अभी बाकी है”, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
Written By: Archana Gupta













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