
तमिलनाडु के भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई (K. Annamalai) ने 5 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी से अलग होने के बाद अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘वी द लीडर्स (We the Leaders)’ की शुरुआत की। पार्टी के लॉन्च होते ही इसे लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला और कुछ ही घंटों में लाखों नागरिक इससे जुड़ गए।
मंच आम नागरिकों की भागीदारी पर आधारित- अन्नामलाई
अन्नामलाई ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्थिरता और युवा नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में रुचि रखने वाले लोगों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की, उन्होंने इसे एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह मंच आम नागरिकों की भागीदारी पर आधारित राजनीति को बढ़ावा देगा।
सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़ा
नई पार्टी की शुरुआत के बाद अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट साझा की। उन्होंने लोगों से इस पहल में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय बदलाव की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने का है।
पार्टी लॉन्च होते ही 10 लाख स्वयंसेवकों ने कराया पंजीकरण
पार्टी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लॉन्च के शुरुआती घंटों में ही लगभग 10 लाख स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया, जबकि 50 से अधिक जमीनी स्तर के नेता भी इस आंदोलन से जुड़े। यह आंकड़ा राज्य की राजनीति में अन्नामलाई की लोकप्रियता और लोगों के विश्वास को दर्शाता है।
क्या है ‘वी द लीडर्स’ की सोच?
अन्नामलाई पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि उनका नया राजनीतिक आंदोलन ‘वी द लीडर्स’ नाम से कार्य करेगा, उन्होंने बताया कि यह पहल कोयंबटूर स्थित APJ Abdul Kalam Centre for Ethics and Politics के अंतर्गत एक संस्थागत ढांचे में संचालित होगी। इस आंदोलन की कार्यप्रणाली ‘कॉन्शस कॉन्स्टिटुएंसी अप्रोच’ पर आधारित है, जिसका उद्देश्य तकनीक-संचालित प्रशासन को स्थानीय स्तर की भागीदारी के साथ जोड़ना है। संगठन का मानना है कि प्रभावी शासन के लिए जागरूक नेतृत्व, समुदाय की सक्रिय भागीदारी और तथ्यों पर आधारित निर्णय प्रक्रिया आवश्यक है।
पार्टी ने कही ये बात
पार्टी का कहना है कि वह ऐसा राजनीतिक मॉडल विकसित करना चाहती है जिसमें नेतृत्व की जवाबदेही, नागरिकों की सहभागिता और डेटा-आधारित नीतिगत फैसलों को प्राथमिकता दी जाए।
Written By Toshi Shah















