
कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देते समय वह भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि मेयर का पद केवल एक कुर्सी नहीं, बल्कि जनता और शहर के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने का अवसर मिला, जिसके लिए वह हमेशा कृतज्ञ रहेंगे।
फिरहाद हकीम को 2018 में मेयर चुना गया था
फिरहाद हकीम ने याद किया कि दिसंबर 2018 में तत्कालीन मेयर सोवन चटर्जी के अचानक इस्तीफा देने के बाद कोलकाता नगर निगम के पार्षदों ने उन्हें मेयर चुना था। तब से लेकर अब तक उन्होंने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं में सुधार और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने लगातार काम किया।
इस्तीफे की घोषणा के दौरान हुए भावुक
अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए हकीम ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी पद का महत्व उसकी शक्ति में नहीं,बल्कि उससे जुड़ी जवाबदेही में होता है। उनका मानना है कि मेयर का पद शहर के लाखों नागरिकों की उम्मीदों और विश्वास का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि अब वह इस जिम्मेदारी को आगे नहीं निभा सकते,इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
फिरहाद ने पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों का किया धन्यवाद
बॉबी हकीम के नाम से लोकप्रिय फिरहाद हकीम ने अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग देने वाले सभी पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कोलकाता के लोगों का स्नेह और विश्वास हमेशा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
फिरहाद ने इस्तीफे के पीछे राजनीतिक कारण का उल्लेख नहीं किया
उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं और हलचल देखने को मिल रही हैं। TMC के भीतर असंतोष और मतभेदों की खबरें भी सामने आती रही हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि उनका यह फैसला महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दे सकता है। हालांकि हकीम ने अपने इस्तीफे के पीछे किसी विवाद या राजनीतिक कारण का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है।
Written By: Geeta Sharma















