
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष रह चुके के.अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी नेतृत्व ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि अन्नामलाई जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि वे एक नई राजनीतिक पार्टी या स्वतंत्र राजनीतिक मंच की शुरुआत कर सकते हैं।
तमिलनाडु में भाजपा का लोकप्रिय चेहरा हैं अन्नामलाई
अन्नामलाई को तमिलनाडु में भाजपा का युवा,आक्रामक और लोकप्रिय चेहरा माना जाता रहा है। वर्ष 2021 से 2025 तक उन्होंने तमिलनाडु भाजपा की कमान संभाली और पार्टी के जनाधार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि पिछले कुछ महीनों से उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेदों की खबरें लगातार सामने आ रही थीं।
अन्नामलाई का भाजपा पार्टी से नाराजगी की वजहें
1. उनकी नाराजगी की सबसे बड़ी वजह भाजपा का AIADMK के साथ गठबंधन माना जा रहा है। अन्नामलाई लंबे समय से इस गठबंधन के विरोध में थे और चाहते थे कि भाजपा तमिलनाडु में स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में आगे बढ़े। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए गठबंधन की रणनीति अपनाई,जिससे अन्नामलाई असहमत बताए जाते हैं।
2. दूसरी बड़ी वजह उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना रही। अप्रैल 2025 में भाजपा ने नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, गठबंधन सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के लिए यह बदलाव किया गया था। इससे अन्नामलाई के समर्थकों में भी नाराजगी देखी गई।
3. इसके अलावा, 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारियों के दौरान भी अन्नामलाई को निर्णय प्रक्रिया से दूर रखे जाने की खबरें सामने आईं। उम्मीदवार चयन, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति जैसे मुद्दों पर उनकी राय को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने की चर्चा रही। उन्होंने कुछ नीतिगत मामलों में भी पार्टी से अलग रुख अपनाया था,जिनमें शिक्षा और भाषा नीति से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
4. ऐसा कहा जा रहा है कि अन्नामलाई का अगला कदम तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। यदि वे अलग राजनीतिक मोर्चा बनाते हैं,तो इसका असर न केवल भाजपा बल्कि राज्य की अन्य प्रमुख पार्टियों पर भी पड़ सकता है। अब सभी की नजर उनके अगले राजनीतिक फैसले पर टिकी हुई है।
Written By: Geeta Sharma















