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नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने भाग लेने वाले विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विश्व कई जटिल चुनौतियों जैसे क्षेत्रीय संघर्ष,आर्थिक अनिश्चितता,जलवायु परिवर्तन और वैश्विक सुरक्षा का सामना कर रहा है। बैठक में रूस,ब्राजील,दक्षिण अफ्रीका,ईरान, इंडोनेशिया,मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी की इन मुलाकातों को वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय कूटनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी प्रतिनिधियों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री Ronald Lamola तथा ब्राजील के विदेश मंत्री Mauro Vieira सहित अन्य प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के मूल तत्व: विदेश मंत्री
बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के मूल तत्व हैं। उन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का उल्लेख करते हुए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. जयशंकर ने कहा कि सतत विकास को वैश्विक एजेंडा के केंद्र में रखा जाना चाहिए और समानता तथा “साझा लेकिन विभिन्न जिम्मेदारियों” के सिद्धांतों का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी प्रगति दुनिया को तेजी से बदल रही है और इसका उपयोग सुशासन तथा समावेशी विकास के लिए किया जाना चाहिए।
आतंकवाद को लेकर क्या बोले विदेश मंत्री ?
विदेश मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यापार, प्रौद्योगिकी, जलवायु और आर्थिक चुनौतियां वैश्विक परिदृश्य को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में ब्रिक्स देशों से रचनात्मक तथा निर्णायक भूमिका निभाने की अपेक्षा बढ़ी है। उन्होंने सदस्य देशों की निरंतर प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कई विकासशील देश ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
बैठक का मुख्य विषय क्या था?
बैठक का मुख्य विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण' रखा गया है, जो प्रधानमंत्री मोदी के 'मानवता को प्राथमिकता' देने वाले दृष्टिकोण से प्रेरित है। बैठक के दूसरे दिन वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधारों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन न केवल ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में विकासशील देशों की आवाज को भी सशक्त बनाएगा।
Written By: Geeta Sharma

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