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राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब महाराष्ट्र के पुणे तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुधवार तड़के बिबवेवाड़ी इलाके से मनीषा वाघमारे नामक महिला को हिरासत में लिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह इस मामले में तीसरी संदिग्ध आरोपी मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैले एक बड़े संगठित रैकेट का हिस्सा हो सकता है, जो छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर लाखों रुपये वसूलता था।
पेपर लीक मामले में जांच में हुए कई अहम खुलासे
इस मामले ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। शुरुआत में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच करते हुए कई अहम खुलासे किए थे। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि पेपर लीक का नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार और अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। आरोप है कि कुछ गिरोह गेस पेपर और कन्फर्म प्रश्नपत्र के नाम पर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से भारी रकम वसूल रहे थे।
पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा को रद्द किया गया
पेपर लीक विवाद के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया,जिससे लाखों छात्रों में भारी नाराजगी और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। कई छात्रों ने लंबे समय तक तैयारी की थी और परीक्षा रद्द होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा कर दी है, लेकिन लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा पेपर लीक मामला
इस बीच मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर NEET परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था NTA को हटाने या उसमें व्यापक सुधार की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए एक स्वतंत्र और हाई-टेक संस्था गठित की जानी चाहिए। साथ ही CBI से 4 सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने की भी मांग की गई है।
NEET-UG पेपर लीक मामला अब केवल परीक्षा में धांधली का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है।
Written By: Geeta Sharma

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