
ब्रिटेन के नॉटिंघम (Nottingham) में रहने वाली दो बहनों की जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल गई, जब एक डीएनए टेस्ट ने उनके रिश्ते से जुड़ा बेहद चौंकाने वाला सच सामने ला दिया। करीब 50 वर्षों तक मिशेल और लाविनिया ओसबोर्न खुद को सामान्य जुड़वां बहनें मानती रहीं, लेकिन जांच में पता चला कि दोनों की मां एक ही है, जबकि उनके जैविक पिता अलग-अलग हैं। मेडिकल साइंस में इस दुर्लभ स्थिति को “हेटरोपैटर्नल सुपरफेकुंडेशन” कहा जाता है।
ऐसे मामलों की संख्या बेहद कम
यह स्थिति तब पैदा होती है, जब किसी महिला के शरीर में एक ही ओव्यूलेशन चक्र के दौरान दो अंडे रिलीज होते हैं और कम समय के अंतर में दो अलग-अलग पुरुषों से संबंध बनने पर दोनों अंडे अलग-अलग शुक्राणुओं से निषेचित हो जाते हैं। नतीजतन पैदा होने वाले बच्चे जुड़वां तो होते हैं, लेकिन उनके जैविक पिता अलग-अलग हो सकते हैं। दुनिया भर में ऐसे मामलों की संख्या बेहद कम मानी जाती है।
शक को दूर करने के लिए कराया डीएनए टेस्ट
मिशेल और लाविनिया के मन में अपने पिता की पहचान को लेकर लंबे समय से संदेह था। उनकी मां ने बचपन से उन्हें बताया था कि उनके पिता जेम्स नाम के व्यक्ति हैं, लेकिन समय बीतने के साथ मिशेल को महसूस हुआ कि उनकी शक्ल जेम्स से मेल नहीं खाती। इसी शक को दूर करने के लिए उन्होंने डीएनए टेस्ट करवाया।
दोनों बहन हुई हैरान
रिपोर्ट में सामने आया कि मिशेल के जैविक पिता जेम्स नहीं, बल्कि एलेक्स नाम के व्यक्ति हैं। वहीं जब लाविनिया का डीएनए एलेक्स से मेल नहीं खाया, तो जांच आगे बढ़ाई गई। बाद में पता चला कि लाविनिया के असली पिता आर्थर हैं। इस खुलासे ने दोनों बहनों को हैरान जरूर किया, लेकिन अब वे अपने-अपने जैविक पिता से जुड़कर नई शुरुआत कर रही हैं।
लाविनिया ने कही ये बात
लाविनिया का कहना है कि उन्हें हमेशा महसूस होता था कि उनकी कहानी में कुछ अधूरा है, और अब जाकर उन्हें मानसिक सुकून मिला है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि जिस दिन मिशेल को डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट मिली, उसी दिन उनकी मां का निधन हो गया। इसके कारण कई सवाल ऐसे ही अनसुलझे रह गए।
Written By Toshi Shah


.jpg)






.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)