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गर्मी का मौसम आते ही सिर दर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसी समस्या आम हो जाती है। ऐसे में लोग बिना सोचे-समझे पेन किलर ले लेते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक तेज गर्मी में यही दवा किडनी के लिए खतरा बन सकती है।
गर्मियों में पेनकिलर लेना शरीर के लिए खतरनाक
आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली पेनकिलर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स की कैटेगरी में आती है। यह दवा दर्द और सूजन को कम करने के काम आती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह दवाई किडनी तक जाने वाले ब्लड फ्लो को थोड़ा कम कर देती है। सामान्य मौसम में शरीर इसे संभाल लेता है। गर्मियों में जब शरीर पहले ही पानी की कमी से जूझ रहा होता है, तब यह असर ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
पेनकिलर से किडनी पर प्रभाव
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार गर्मी में पसीना ज्यादा आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है इससे खून गाढ़ा होने लगता है और किडनी तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच पाता है। इस समय पेनकिलर ली जाए तो यह ब्लड फ्लो और कम सकती है। इससे आगे चलकर Acute Kidney Injury जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।
किडनी पर धीरे-धीरे पड़ता है असर
और किडनी पर पड़ने वाला असर धीरे-धीरे बढ़ता है, जिससे शुरुआत में थकान, पेशाब कम होना, पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिख सकते हैं। कई बार तो लोग बिना सामान्य कमजोरी या गर्मी का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर समस्या बढ़ सकती है।
पेन किलर लेने से पहले बरते सावधानी
पेन किलर लेने से पहले सावधानी बहुत जरूरी है। शरीर को हमेशा हाइड्रेट रखें। साथ ही डिहाइड्रेशन की स्थिति में पेनकिलर लेने से बचें। बिना जरूरत बार-बार दवा लेने की आदत न डालें। वहीं कुछ मामलों में पैरासिटामोल सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसका भी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए।
Written By: Geeta Sharma

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