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Meta Platforms ने हाल ही में एक नया पैरेंटल कंट्रोल फीचर पेश किया है, जिसका मकसद बच्चों और किशोरों द्वारा AI के इस्तेमाल को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। आज के समय में AI पढ़ाई, होमवर्क और जानकारी हासिल करने का आसान जरिया बन चुका है, लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं—खासतौर पर बच्चों के लिए, जो हर स्थिति को सही तरह से समझ नहीं पाते।
कैसे काम करता है यह नया टूल?
यह फीचर फिलहाल Facebook, Instagram और Messenger पर उपलब्ध कराया गया है। इसमें एक खास “Insights” टैब दिया गया है, जहां पैरेंट्स यह देख सकते हैं कि उनके बच्चे किन-किन विषयों पर AI से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, यह टूल पूरी बातचीत नहीं दिखाता, बल्कि केवल टॉपिक्स की लिस्ट देता है। साथ ही, इसमें सिर्फ पिछले 7 दिनों की एक्टिविटी ही दिखाई देती है, जिससे प्राइवेसी और निगरानी के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
सेफ्टी फीचर्स क्या हैं?
अगर कोई किशोर यूजर किसी संवेदनशील विषय—जैसे आत्म-नुकसान—से जुड़ा सवाल पूछता है, तो AI सीधे जवाब देने के बजाय उसे सीमित कर देगा। साथ ही, इस तरह की गतिविधि “Insights” टैब में दर्ज हो जाएगी। इसके अलावा, Meta एक अलर्ट सिस्टम भी तैयार कर रही है। अगर बच्चा खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर विषय पर सवाल करता है, तो इसकी सूचना सीधे पैरेंट्स तक भेजी जाएगी। यह फीचर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
भारत मेंकब तक आएगा फीचर्स?
अभी यह फीचर अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्राजील में लॉन्च किया गया है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इसे भारत सहित अन्य देशों में भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
अतिरिक्त पहल
Meta ने एक “AI Wellbeing Expert Council” भी बनाई है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, युवा सुरक्षा और जिम्मेदार AI के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम नए फीचर्स पर सुझाव देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि AI का उपयोग बच्चों के लिए सुरक्षित बना रहे।
Written By Toshi Shah

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