
मिडिल ईस्ट में जो टेंशन चल रही है, उसने पूरी दुनिया के बाजारों की नींद उड़ा दी है। हर किसी को डर था कि आज सुबह जब उठेंगे, तो पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे होंगे। खासकर तब, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधी टक्कर शुरू हो गई है और होर्मुज स्ट्रेट जैसी अहम जगह पर नाकेबंदी हो चुकी है। कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकल गया है और भारत जैसे देश के लिए यह बड़ी चिंता की बात है। लेकिन अच्छी खबर ये है कि आज यानी 15 अप्रैल को फिलहाल तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई छेड़छाड़ नहीं की है।
सरकार ने लगाया एक्सपोर्ट ड्यूटी का दांव
जब पूरी दुनिया में तेल की किल्लत की बातें हो रही हैं, तब भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को काफी बढ़ा दिया है। अब डीजल पर 55.5 रुपये और एटीएफ पर 42 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगेगी। इसका सीधा सा मतलब ये है कि सरकार चाहती है कि कंपनियां बाहर तेल बेचने के बजाय पहले अपने देश की जरूरतें पूरी करें। इस कदम से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को काबू में रखने में बड़ी मदद मिल रही है।
क्यों मचा है दुनिया भर में हाहाकार?
असल में ये सारा बवाल अमेरिका के एक फैसले से शुरू हुआ है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के जहाजों को रोकने के लिए नाकेबंदी कर दी है। आपको बता दें कि दुनिया का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल मंगाता है। अब जब रास्ता ही बंद होने की कगार पर है, तो तेल की कमी होना लाजिमी है। इसी वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए वहां होने वाली हर छोटी-बड़ी हलचल हमारे बजट पर सीधा असर डालती है।
आपके शहर में आज क्या है पेट्रोल-डीजल का भाव?
कीमतों की बात करें तो दिल्ली में आज भी पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर टिका हुआ है। मुंबई में ये आंकड़ा थोड़ा ज्यादा है, वहां पेट्रोल के लिए आपको 103.54 रुपये और डीजल के लिए 90.03 रुपये चुकाने होंगे। कोलकाता और पटना में भी कीमतें 105 रुपये के आसपास बनी हुई हैं। वहीं पोर्ट ब्लेयर में सबसे सस्ता पेट्रोल मिल रहा है, जिसकी कीमत सिर्फ 82.46 रुपये है। यानी फिलहाल आम आदमी की जेब पर कोई नया बोझ नहीं पड़ा है।
जेब ढीली करने के लिए रहें तैयार
आज तो राहत मिल गई है, लेकिन ये राहत कब तक चलेगी, कहना मुश्किल है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच ये तनातनी कम नहीं हुई और कच्चा तेल इसी तरह महंगा होता रहा, तो कंपनियां कब तक नुकसान झेलेंगी? एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल महंगा होना तय है। फिलहाल सरकार महंगाई को रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन सारा दारोमदार अब ग्लोबल मार्केट के हालातों पर टिका है।
Written by: Anushka sagar

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