
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) क्षेत्र में भारत की पहली ड्राइवरलेस पॉड टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना है। यह एक अत्याधुनिक स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा, जिसमें छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिना ड्राइवर के अपने आप चलेंगी। इन पॉड्स को खास तौर पर शहर के छोटे दूरी वाले सफर के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि लोग मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन या अपने ऑफिस तक तेज़ और आसानी से पहुंच सकें।
3 से 3.5 किलोमीटर लंबा होगा पॉड टैक्सी
इस प्रोजेक्ट का पहला चरण लगभग 3 से 3.5 किलोमीटर लंबा होगा और यह BKC के भीतर मेट्रो स्टेशन, ऑफिस एरिया और कमर्शियल ज़ोन को जोड़ने का काम करेगा। भविष्य में इसे बढ़ाकर करीब 8–9 किलोमीटर किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के अधिक हिस्सों को कवर किया जा सके और यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से पहुंचने में मदद मिले।
पॉड टैक्सी की मुख्य विशेषताएं
- ये गाड़ियां पूरी तरह स्वायत्त (ऑटोमैटिक) होंगी और चलाने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता नहीं होगी।
- पॉड्स में एडवांस सेंसर और कंट्रोल सिस्टम लगे होंगे जो उन्हें सुरक्षित और सटीक ढंग से चलाएंगे।
- हर पॉड में लगभग 4–6 लोग बैठ सकते हैं।
- गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण के अनुकूल सफर होगा।
- इनकी अधिकतम गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो शहर में छोटे सफर के लिए पर्याप्त है।
- ये पॉड टैक्सियां सिर्फ तय स्टेशन पर नहीं रुकेंगी; यात्री जिस स्टेशन पर उतरना चाहेगा, पॉड सीधे वहाँ जाएगी, जिससे यात्रा तेज़ और आरामदायक होगी।
- सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि हर 15–30 सेकंड में एक पॉड उपलब्ध हो, ताकि यात्रियों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
जानिए प्रोजेक्ट की लागत और विस्तार
- इस परियोजना की अनुमानित लागत 1000 करोड़ रुपये है।
- इसे सरकार और निजी कंपनियों के सहयोग से PPP मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
- यदि यह सफल होता है, तो भविष्य में इसे मुंबई के अन्य क्षेत्रों और भारत के बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
जानिए इन्फ्रास्ट्रक्चर
- इस रूट पर कुल 22 एयर-कंडीशनड स्टेशन होंगे, जो लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित होंगे।
- पॉड टैक्सियों के संचालन के लिए बांद्रा ईस्ट में RLDA प्लॉट पर डिपो बनाया जाएगा।
Written By Toshi Shah

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