
Quiet Firing: आजकल ऑफिस कल्चर में ‘क्वाइट फायरिंग’ तेजी से बढ़ता ट्रेंड बन गया है। छंटनी का नाम सुनते ही कर्मचारी असहज हो जाते हैं, इसलिए कई कंपनियां अब सीधे निकालने के बजाय ऐसे तरीके अपनाती हैं, जिससे कर्मचारी खुद ही नौकरी छोड़ने पर मजबूर हो जाएं। कई बार लोगों को इसका एहसास भी नहीं होता, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिनसे आप तुरंत समझ सकते हैं कि कहीं आपके साथ भी ऐसा तो नहीं हो रहा। कॉर्पोरेट जगत में मैनेजमेंट का यह नया तरीका कर्मचारियों पर दबाव बनाकर उन्हें खुद इस्तीफा देने की ओर धकेलता है। ये कहीं आपके साथ तो नहीं हो रहा है इसका पता लगाना बिल्कुल भी कठिन नहीं है. इसकी पहचान आप कुछ संकेतों से समय रहते ही कर सकते हैं. आइए आप भी जान लीजिए.
क्वाइट फायरिंग क्या होती है?
अगर आसान शब्दों में समझें, तो क्वाइट फायरिंग एक ऐसी रणनीति होती है जिसमें किसी कर्मचारी को सीधे नौकरी से नहीं निकाला जाता, बल्कि उसके लिए काम का माहौल ऐसा बना दिया जाता है कि वह खुद ही परेशान होकर इस्तीफा देने पर मजबूर हो जाए।
क्वाइट फायरिंग’ के संकेत
1. प्रमोशन या सैलरी में देरी
अगर आप इसका शिकार हो रहे हैं, तो आपका प्रमोशन या सैलरी बढ़ोतरी लगातार टाली जा सकती है। इस बारे में पूछने पर भी आपको साफ जवाब नहीं मिलता।
2. मीटिंग्स से बाहर रखना
धीरे-धीरे आपको जरूरी मीटिंग्स और फैसलों से दूर किया जाने लगता है। अचानक आपको टीम की गतिविधियों से अलग कर दिया जाता है।
3. बातचीत कम होना
बॉस या मैनेजर आपसे दूरी बनाने लगते हैं और बातचीत धीरे-धीरे कम या बंद हो जाती है, जो एक बड़ा संकेत हो सकता है।
कंपनियां क्यों अपना रही हैं ‘क्वाइट फायरिंग’?
आजकल कई कंपनियां इस तरीके को इसलिए अपनाती हैं क्योंकि सीधे छंटनी करने में कानूनी प्रक्रियाएं और जवाबदेही ज्यादा होती है। इन झंझटों से बचने के लिए कंपनियां ऐसा माहौल बना देती हैं, जिससे कर्मचारी खुद ही नौकरी छोड़ दें और माहौल भी ज्यादा खराब न हो।
Written By - Namita Verma



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