
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली अब सिर्फ राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि तेजी से एक उभरते हुए सांस्कृतिक और फिल्मी केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 25 से 31 मार्च के बीच राजधानी में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर की फिल्मों और कलाकारों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
पहली बार आयोजित होगा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल
दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित यह पहला ऐसा भव्य फिल्म महोत्सव है। कपिल मिश्रा ने जानकारी दी कि यह आयोजन भारत मंडपम में किया जाएगा। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इसे सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
सरकार का उद्देश्य केवल मनोरंजन प्रदान करना नहीं है, बल्कि दिल्ली को वैश्विक सांस्कृतिक मंच पर स्थापित करना भी है।
दुनियाभर से फिल्मों की भागीदारी
इस महोत्सव के लिए 2000 से अधिक फिल्मों ने आवेदन किया, जिनमें से लगभग 140 फिल्मों को प्रदर्शन के लिए चुना गया है। ये फिल्में अलग-अलग देशों और संस्कृतियों की झलक पेश करेंगी, जिससे दर्शकों को विविध विषयों का अनुभव मिलेगा।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा का संगम
फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के साथ-साथ भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। तमिल, तेलुगु, मराठी, भोजपुरी, पंजाबी, हरियाणवी, बंगाली और उत्तर-पूर्वी भाषाओं की फिल्मों के अलावा बॉलीवुड की चर्चित फिल्मों का प्रदर्शन भी होगा। ‘धुरंधर 2’ इस आयोजन का खास आकर्षण मानी जा रही है।
पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति
दिल्ली सरकार पिछले एक साल से विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटी है। इंडिया गेट पर दिवाली के दौरान ड्रोन शो, छठ पूजा, कांवड़ यात्रा और तीज जैसे आयोजनों को बड़े स्तर पर आयोजित किया गया, जिससे शहर में पर्यटकों की संख्या बढ़ी।
युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने के लिए भी कई पहलें की गई हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में भजन क्लबिंग जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, और जल्द ही जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भी ऐसे आयोजन किए जाएंगे। इसके अलावा नवरात्र जैसे त्योहारों को भी बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है।
हर साल आयोजित होगा महोत्सव
सरकार ने इस फिल्म फेस्टिवल को हर वर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसका मकसद दिल्ली को एक प्रमुख फिल्म और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे भविष्य में फिल्म निर्माण और शूटिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
तीन मुख्य उद्देश्य
इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के माध्यम से सरकार तीन प्रमुख लक्ष्यों को हासिल करना चाहती है—
- रचनात्मक उद्योग और ऑरेंज इकॉनमी को प्रोत्साहन देना
- भारत मंडपम, यशोभूमि और कर्तव्यपथ जैसे आधुनिक ढांचे को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना
- दिल्ली को फिल्म शूटिंग के लिए एक आकर्षक स्थान के रूप में स्थापित करना
इस प्रकार, यह पहल राजधानी को नई सांस्कृतिक पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कदम साबित हो सकती है।
Written By Toshi Shah

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