
बांग्लादेश में आज, 12 फरवरी 2026 को, देश के राजनीतिक इतिहास के सबसे अहम चुनावों में से एक की शुरुआत हो गई है। यह देश का 13वां राष्ट्रीय संसदीय चुनाव है। खास बात यह है कि ये चुनाव ऐसे माहौल में हो रहे हैं जब अगस्त 2024 में छात्रों के बड़े आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी।
299 सीटों पर वोटिंग
जानकारी के मुताबिक मतदान स्थानीय समय के अनुसार सुबह 7:30 बजे शुरू हो गया है और यह शाम 4:30 बजे तक जारी रहेगी। इस बार कुल 299 संसदीय क्षेत्रों में वोट डाले जा रहे हैं। हालांकि शेरपुर-3 सीट पर जमात-ए-इस्लामी के एक उम्मीदवार के निधन के कारण वहां मतदान फिलहाल टाल दिया गया है।
कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान
करीब 12.7 करोड़ पंजीकृत मतदाता इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं और वे अपने मताधिकार का उपयोग कर अगली सरकार चुनेंगे। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी।
महिलाओं-युवाओं में उत्साह, नतीजों पर सबकी नजर
महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है। कई जगहों पर पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाता भी सुबह से लाइन में खड़े नजर आए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और शांतिपूर्ण तरीके से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें।यह चुनाव बांग्लादेश की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजरें मतदान प्रतिशत और अंतिम नतीजों पर टिकी हैं। मतगणना मतदान खत्म होने के बाद शुरू होगी, जिसके बाद साफ होगा कि देश की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
क्यों टिकी भारत की निगाहें?
बांग्लादेश में हो रहे ये चुनाव भारत के लिए भी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि अब तक भारत की बातचीत वहां की अंतरिम सरकार से हो रही थी, लेकिन चुनाव के बाद एक नई चुनी हुई सरकार सत्ता में आएगी। शेख हसीना के पद छोड़ने के बाद वहां की राजनीतिक स्थिति बदल चुकी है, ऐसे में भारत को नए हालात के मुताबिक अपनी रणनीति तय करनी होगी और नई सरकार के साथ रिश्तों को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए, इस पर सोच-समझकर कदम उठाने होंगे।
Written by : Anushka sagar

.jpg)

.jpg)





.jpg)





