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पेलिकॉट केस जैसे बड़े यौन अपराधों के बाद फ्रांस में यौन शोषण का सबसे भयनक मामला सामने आया है। इस अपराध का नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ था,और इस केस में 55 वर्षों की उम्र तक लकभग 89 नाबालिगों को शिकार बनाया गया। फ्रांस में एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 79 वर्षीय जैक्स लेवेगल पर आरोप है कि उसने 55 वर्षों के दौरान 89 नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण और दुष्कर्म किया। फ्रांसीसी अभियोजकों ने आरोपी का नाम सार्वजनिक कर दिया है ताकि पीड़ित सामने आ सकें। ग्रेनोबल के अभियोजक के अनुसार, जैक्स लेवेगल को फरवरी 2024 में नाबालिगों के साथ गंभीर यौन अपराध के आरोप में औपचारिक जांच के लिये हिरासत मे लिया गया और अप्रैल 2025 से वह न्यायिक हिरासत में है।
आरोपी का नाम सार्वजनिक क्यों किया गया सार्वजनिक
ग्रेनोबल के अभियोजक ने बताया कि फ्रांस में आमतौर पर जांच के दौरान आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता। लेकिन इस मामले में ऐसा इसलिए किया गया ताकि पीड़ित सामने आ सकें और जिनकी पहचान अधूरी है, उन्हें खोजा जा सके।
जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर
प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जो कोई भी खुद को पीड़ित मानता है या मामले से जुड़ी जानकारी रखता है,और उससे संपर्क करने की अपील की गई है। अभियोजक ने बताया कि आरोपी की उम्र ज्यादा है और अपराधों का समय पुराना है, इसलिए जल्दी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
कई देशो मे फैला अपराध
जांच में यह भी सामने आया कि कथित अपराध केवल फ्रांस तक सीमित नहीं था बल्कि आरोपी के दस्तावेजों में कई देशों का जिक्र किया गया है, जिनमें जर्मनी, स्विट्जरलैंड, पुर्तगाल, मोरक्को, अल्जीरिया, नाइजर, फिलीपींस, भारत, कोलंबिया और न्यू कैलेडोनिया (जहां वह शिक्षक के रूप में काम करता था) शामिल हैं। फ्रांस में जैक्स लेवेगल के मामले में नई गंभीर जानकारी सामने आई है। अभियोजकों ने बताया कि आरोपी ने अपने परिवार के दो सदस्यों की हत्या भी कबूल की है। उसने बताया कि उसने कैंसर से पीड़ित अपनी मां को मार दिया और बाद में 92 वर्षीय चाची की हत्या भी की
पेलिकॉट केस के बाद नया हड़कंप और
फ्रांस इससे पहले भी पेलिकॉट केस जैसे बड़े यौन अपराध मामलों से हिल चुका है। पेलिकॉट केस हाल ही में देश के सबसे चौंकाने वाले यौन हिंसा के मुकदमों में से एक था, जिसमें एक पति को अपनी पत्नी को नशीली दवा देकर कई वर्षों तक दर्जनों पुरुषों से दुष्कर्म करवाने का दोषी ठहराया गया था। दोनों मामलों में डिजिटल सबूतों ने अहम भूमिका निभाई है।
Written by: Falak Abdeen


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