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दिन की शुरुआत एक गिलास पानी से करना सुनने में छोटी सी बात लगती है, लेकिन इसका असर हमारी सेहत पर बहुत गहरा होता है। 6–8 घंटे की नींद के दौरान शरीर को पानी नहीं मिलता, जिससे हल्का डिहाइड्रेशन हो जाता है। सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर फिर से एक्टिव मोड में आ जाता है और अंदरूनी सिस्टम ठीक से काम करने लगते हैं।
सुबह पानी पीने के फायदे
सुबह उठते ही पानी पीने से पाचन तंत्र धीरे-धीरे जागता है। इससे खाना पचाने की प्रक्रिया बेहतर होती है और शरीर खुद को साफ करने यानी नेचुरल डिटॉक्स में मदद मिलती है। यह आदत रेगुलर पेट साफ रखने में सहायक होती है और दिनभर एनर्जी बनाए रखने में भी मदद करती है।
खाली पेट गुनगुना पानी क्यों है बेहतर
खाली पेट गुनगुना पानी पीना सबसे अच्छा माना जाता है। यह पेट के लिए हल्का होता है और शरीर इसे जल्दी सोख लेता है। गुनगुना पानी पीने से आंतों की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, डाइजेशन आसान होता है, कब्ज की समस्या कम हो सकती है और रातभर शरीर में जमी गंदगी बाहर निकालने में मदद मिलती है
इसके अलावा, गुनगुना पानी शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ाकर मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है, जिससे वजन कंट्रोल में रखने में भी मदद मिल सकती है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में भी सहायक होता है।
सुबह ठंडा पानी पीना कितना सही है
ठंडा पानी भी फायदेमंद होता है, लेकिन सुबह उठते ही इसे पीना हर किसी के लिए सही नहीं होता। बहुत ठंडा पानी पेट को अचानक झटका दे सकता है, जिससे पाचन धीमा हो सकता है या गले में जलन महसूस हो सकती है।
हालांकि, ठंडा पानी शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, पानी को गर्म करने में शरीर ज्यादा एनर्जी खर्च करता है, जिससे थोड़ी कैलोरी बर्न होती है। वहीं वर्कआउट के बाद ठंडा पानी पीना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि उस समय शरीर को जल्दी ठंडा और रिहाइड्रेट करने की जरूरत होती है।
पानी का तापमान और डाइजेशन कनेक्शन
पानी का तापमान हमारे डाइजेशन पर सीधा असर डालता है। गुनगुना पानी पाचन एंजाइम को सक्रिय करता है, जिससे खाना आसानी से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है। वहीं, ठंडा पानी कुछ समय के लिए नसों को सिकोड़ सकता है, जिससे पाचन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। यही कारण है कि खाली पेट अधिकतर लोग गर्म या गुनगुना पानी पीना बेहतर मानते हैं।
- YUKTI RAI

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